लखनऊ के जानकीपुरम इलाके से डेढ़ साल से लापता युवती महीना भर पहले संदिग्ध हालात में लौटी। उसने अपने पड़ोसी मामा-भांजे पर अपहरण और बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया। दोनों की गिरफ्तारी न होने से आक्रोशित परिवारीजनों ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है।
इलाके के एक गांव में रहने वाली युवती का कहना है कि 10 फरवरी 2017 की सुबह वह कूड़ा फेंकने के लिए घर से निकली थी। इस दौरान पड़ोसी प्रवेश कुमार ने अपने मामा अरविंद की मदद से उसे पकड़ा और मुंह दबाकर चार पहिया गाड़ी में बैठाकर ले गया।
बीकेटी इलाके के एक घर में बंधक बनाकर उससे सामूहिक दुष्कर्म करते रहे। एक महिला भी उनकी मदद करती थी। विरोध पर यातनाएं दी जाती थीं। डेढ़ साल बाद 31 अगस्त को आरोपियों की साथी महिला उसे छठा मील के पास छोड़ गई थी। एक राहगीर की मदद से अपने भाई को फोन करके बुलाया। उसके साथ थाने जाकर बयान दर्ज कराई।
आरोप है कि एक महीने बाद भी पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की। पुलिस अधिकारियों से शिकायत बेनतीजा रहने पर युवती ने मुख्यमंत्री को अर्जी भेजकर गुहार लगाई है।