राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने गाजियाबाद में अवैध मोमबत्ती फैक्टरी हादसे में मौत मामले में उत्तर प्रदेश सरकार मुख्य सचिव और डीजीपी को नोटिस जारी किया है।
मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए आयोग ने कहा, यह आवश्यक है कि स्थानीय प्रशासन संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय करे और विभागीय या आपराधिक कार्रवाई शुरू की जाए ताकि पीड़ितों और परिजनों को न्याय सुनिश्चित हो सके। मुख्य सचिव और डीजीपी से चार हफ्ते में रिपोर्ट मांगी गई है।
आपको बता दें कि गाजियाबाद के मोदीनगर तहसील के बखारवा गांव में मोमबत्ती बनाने की फैक्टरी में आग लगने से छह महिलाओं व एक बच्चे की मौके पर मौत हो गई थी। एक अन्य की मौत अस्पताल ले जाते हुए हुई थी। बताया जा रहा है कि आग इतनी भीषण थी कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मोमबत्ती बनाने वाली फैक्टरी में आतिशबाजी का सामान भी बनाया जाता था, जिसमें विस्फोट होने की वजह से आग लगी। दोपहर करीब ढ़ाई बजे के आसपास अचानक से धमका हुआ, जिसमें फैक्टरी का करीब 70 फीसदी हिस्सा मलबे में तब्दील हो गया। उसके बाद फैक्टरी में रखे सामान में आग लग गई थी।