लखनऊ। सिविल और बलरामपुर अस्पताल की ओपीडी में परचा बनवाने की प्रक्रिया आसान होने वाली है। इसके लिए दोनों अस्पतालों में एक-एक कियोस्क मशीन लगाई गई है। इसका ट्रायल शुरू हो चुका है।
इस मशीन से मरीज ओपीडी के लिए रजिस्ट्रेशन खुद कर सकेंगे। मौके पर मौजूद ऑपरेटर बीमारी से जुड़ी जरूरी जानकारियां मशीन की मदद से परचे पर दर्ज करेंगे। इससे डॉक्टर के पास पहले ही मरीज की सारी जानकारियां मिल जाएंगी जिससे काफी समय बचेगा।
बलरामपुर अस्पताल की ओपीडी में रोजाना करीब छह हजार मरीज आते हैं। डॉक्टरों को हर मरीज से उसकी बीमारी संबंधी जानकारियां लेने में काफी समय लगता है। अब मरीज की शुरुआती जानकारी कियोस्क मशीन पर ही दर्ज हो जाएगी। इससे डॉक्टर सीधे जांच व इलाज लिख सकेंगे। सिविल अस्पताल के निदेशक डॉ. जीपी गुप्ता ने बताया कि अभी एक मशीन से रोजाना 250 मरीज ओपीडी के लिए रजिस्ट्रेशन करवा रहे हैं।
बलरामपुर अस्पताल के सीएमएस डॉ. हिमांशु चतुर्वेदी ने बताया कि ट्रायल में देखा जा रहा है कि मरीज मशीन आसानी से चला पा रहे हैं या नहीं। यह भी देखा जा रहा है कि दर्ज जानकारियां डॉक्टर के कितने काम आ रही है। ट्रायल के बाद इसे आगे बढ़ाने पर फैसला होगा।
सर्वर बंद होने पर भी चलती रहेगी ओपीडी
सर्वर में दिक्कत आने पर ओपीडी में मरीजों का ऑनलाइन पंजीकरण प्रभावित होता है। फिर हाथ से परचे बनाने पड़ते हैं जिसमें ज्यादा समय लगता है। कियोस्क मशीन के इस्तेमाल में सर्वर की जरूरत नहीं होगी। इससे सर्वर में खराबी आने पर भी पंजीकरण जारी रहेगा।