लखनऊ। महीने में दो बार 60 गांवों के ग्रामीणों को सरकारी राशन दिलाएं। बच्चों की पढ़ाई ऑनलाइन कराएं। ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था न बने तो विद्यालयों के बाहर पुलिस कर्मियों को तैनात किया जाए। जिंदगी घरों में कैद है, अगर अब बाघ को नहीं पकड़ा गया तो ग्रामीण बेघर हो जाएंगे।
यह दर्द 60 गांवों के ग्रामीणों ने अफसरों से बैठक के दौरान सोमवार को बयां किया। एडीएम प्रशासन ने डीएम से बात कर उचित समाधान का आश्वासन दिया गया है। डीएफओ लखनऊ सितांशु पांडेय व बाराबंकी डीएफओ आकाशदीप बधावन ने भी प्रभावित इलाके का जायजा लिया। ऑपरेशन बाघ में लगी टीम के कर्मचारियों के साथ बैठक भी की।
सोमवार को एडीएम प्रशासन शुभी सिंह, डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव और वन विभाग की टीम ने दुगौली गांव में प्रधान के घर पर बैठक की। यहां अफसरों ने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना।
दुगौली गांव की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सिद्धेश्वरी ने कहा, आंगनबाड़ी केंद्र खुल रहे है। केंद्र पंचायत भवन में संचालित होता है। यह पंचायत भवन गांव के बाहर खेतों और बागों के बीच में बना है, जिसमें दीवार भी नहीं है। इससे बाघ का खतरा बना रहता है। केंद्र में 20 बच्चे पंजीकृत हैं।
आंगनबाड़ी केंद्र मीठेनगर पर 35 व उलरापुर 17 बच्चे पंजीकृत हैं। केंद्र बंद करने की बात ग्रामीणों ने कही। प्रधान रवि यादव ने बताया कि दुगौली, मीठेनगर व उलरापुर गांव जंगल से करीब हैं। यहां किसानों को अब मवेशियों के लिए चारा की दिक्कत होने लगी है। किसानों के पास जानवरों का चारा तक खत्म हो गया है।
गांव के बाहर जंगल की ओर स्ट्रीट लाइट लगवाने की मांग की है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बाघ पकड़ने में वन विभाग लापरवाही बरत रहा है।
फूल की खेती चौपट, तीन लाख का नुकसान
बैठक में किसान चंद्रेश ने बताया कि बाघ की दहशत से देखरेख न होने से फूल की खेती चौपट हो गई। इससे करीब तीन लाख रुपये का नुकसान हुआ है। बैठक में एसीपी काकोरी शकील अहमद ,इंस्पेक्टर नवाब अहमद, दुबग्गा वन विभाग रेंजर सोनम दीक्षित अन्य राजस्व कर्मी मौजूद रहे।
जाेन दो व तीन के प्रवेश मार्ग पर लगे कैमरे
डीएफओ सितांशु पांडेय ने बताया कि रहमानखेड़ा जंगल के जो दो व तीन के मीठेनगर, उलरापुर गांव के प्रवेश द्वार पर वन विभाग ने सोमवार को सीसीटीवी कैमरे लगवाए हैं। सोमवार को भी जंगल में बाघ के नए पगचिह्म मिले हैं। यहां लगे ट्रैप कैमरे भी वन टीम ने चेक किए हैं। जोन तीन में हथिनी डायना व सुलोचना से करीब चार घंटे तक कॉम्बिंग की गई है। जोन एक रहमानखेड़ा संस्थान व जोन दो मीठेनगर के पास बनी दो मचान से डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी कर रही है।
सेंटर में कर्मचारी, लैपटॉप पर चलती रही वीडियो
बाघ की निगरानी के लिए लगाए गए कैमरों का कमांड सेंटर संस्थान में बनाया गया है। यहां पर तैनात कर्मचारी काम में लापरवाही कर रहे हैं। सोमवार दोपहर करीब दो बजे सेंटर में कोई भी कर्मी नहीं दिखा, जबकि कमरे के अंदर खाली मेज पर रखे लैपटॉप पर कैमरों की वीडियो चलती मिली।