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केजीएमयू में दो माह बाद शुरू हुई ओपीडी, बारिश में भीगकर भी पहुंचे मरीज

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लखनऊ। कोई अपने बच्चे की समस्या से परेशान था तो किसी की पत्नी की हालत खराब हो रही थी। केजीएमयू की ओपीडी चलनी कितनी जरूरी थी, इसका नजारा सोमवार को संस्थान परिसर में दिखाई दिया। बारिश और खराब मौसम के बावजूद लोग केजीएमयू की ओपीडी में डॉक्टरों को दिखाने पहुंचे।
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केजीएमयू प्रशासन ने कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर को देखते हुए 12 अप्रैल से ओपीडी सेवा बंद कर दी थी। इस दौरान सिर्फ सर्जिकल आंकोलॉजी, क्लीनिकल हीमैटोलॉजी, रेडिएशन आंकोलॉजी, इंडोक्राइन सर्जरी, मेडिकल आंकोलॉजी, पीडियाट्रिक्स विद नियोनेटल केयर, डायलिसिस के लिए नेफ्रोलॉजी ओपीडी, एचआईवी मरीजों के लिए एआरटी सेंटर व फीवर क्लीनिक की ओपीडी ही चल रही थीं। इमरजेंसी सेवा के साथ ही डिजिटल ओपीडी के जरिए किसी भी विभाग के डॉक्टर की सलाह ली जा सकती थी। ई-संजीवनी पोर्टल पर भी परामर्श की सुविधा थी, पर गंभीर मरीजों के लिए यह सेवा काम नहीं कर पा रही थी। ओपीडी शुरू होने के बाद सोमवार को मरीज व उनके परिवारीजन भीगते-भागते ओपीडी में दिखाने पहुंचे। हालांकि, कुछ मरीजों को आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट न लाने के कारण निराश होकर लौटना पड़ा।
चार महीने से अटकी थी सर्जरी
केजीएमयू की ओपीडी में सोमवार को दिखाने पहुंचे बाराबंकी निवासी राम सुमेर यादव ने बताया कि चार महीने पहले बच्चे का जन्म हुआ था। जन्म से ही बच्चे के मलद्वार नहीं है। सर्जरी कर मलद्वार बनाया जाना था, लेकिन इस बीच ओपीडी बंद होने से सर्जरी नहीं हो सकी। तब से इंतजार कर रहे थे कि कब ओपीडी शुरू हो और बच्चे की सर्जरी कराई जा सके। सोमवार से ओपीडी शुरू हुई तो बिना एक दिन की देरी किए बच्चे को दिखाने केजीएमयू आ गए।
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किडनी की समस्या, इलाज न मिलने से आ गई सूजन
राजाजीपुरम निवासी सुषमा सिंह को किडनी की समस्या है। पिछले काफी समय से केजीएमयू में उनका इलाज चल रहा था। लेकिन कोरोना काल में ओपीडी बंद होने से उनकी हालत खराब हो रही थी। इलाज प्रभावित से पूरे शरीर में सूजन आ गई थी। सोमवार को जैसे ही ओपीडी शुरू होने की सूचना मिली तो बिना देरी किए उनके परिवारीजन कोरोना की निगेटिव जांच रिपोर्ट लेकर उनको दिखाने केजीएमयू पहुंच गए।
दोबारा दिखाने से पहले बंद हो गई थी ओपीडी
सीतापुर निवासी सुमन रावत को गैस्ट्रो से संबंधित समस्या है। अपने जनपद में दिखाने के बाद जब उनको राहत नहीं मिली तो अप्रैल के पहले सप्ताह में उन्होंने केजीएमयू के गैस्ट्रो मेडिसिन विभाग में डॉक्टर को दिखाया था। दोबारा दिखाने के लिए 15 दिन बाद का समय मिला था, लेकिन इस बीच ओपीडी बंद हो गई। सोमवार को जब ओपीडी खुली तो वे तुरंत ही दिखाने आ पहुंचीं।
अभी सीमित ओपीडी
केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह ने बताया कि मरीजों की समस्याओं को देखते हुए कोरोना संक्रमण, पोस्ट कोविड तथा ब्लैक फंगस के मरीजों के इलाज के साथ ही सामान्य ओपीडी की शुरुआत कर दी गई है। फिलहाल मरीजों की संख्या सीमित की गई है। जल्द ही इसे सामान्य किया जाएगा।
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