पिछले वर्ष यूपी को 17839 करोड़ इस मद में दिए गए थे जो इस वर्ष भी करीब 18 हजार करोड़ रुपये होंगे। इस स्कीम के अंतर्गत मिलने वाली धनराशि ब्याजमुक्त होती है, जिसकी वापसी का समय 50 वर्ष है। पंद्रहवें वित्त आयोग के अनुदान में भी कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है।
बजट के माध्यम से प्रधानमंत्री ने सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास नीति को दोहराया गया है। इसके अन्तर्गत गरीब, महिला, युवा तथा अन्नदाता किसान का विशेष ध्यान और भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाये जाने के लक्ष्य को ध्यान में रखा गया है। यूपी पर खास फोकस राज्य को 10 खरब डालर की अर्थव्यवस्था बनाने में बड़ी भूमिका निभाएगा। अलग-अलग मदों में बढ़ा हुआ बजट इस बात का संकेत है कि प्रदेश का उपभोक्ता बाजार तेजी से बढ़ रहा है यानी पिछले एक साल में लोगों के खर्च करने की क्षमता में तेजी आई है। लोगों की आय बढ़ रही है।