लखनऊ के सालेहनगर तिराहा पर पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति के अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलेगा। इसके लिए एलडीए की विहित प्राधिकारी कोर्ट ने मंगलवार को आदेश जारी कर दिया। अब एलडीए के अर्जन विभाग ने मान लिया है कि गायत्री ने एलडीए की जमीन कब्जा करने के बाद निर्माण कराया था।
मंगलवार को विहित प्राधिकारी और संयुक्त सचिव धनंजय शुक्ला ने मामले की सुनवाई की। गायत्री की तरफ से पक्ष रखा गया कि उनके निर्माण के शमन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए 11,175 रुपये शमन शुुल्क भी जमा है।
इस पर प्रवर्तन विभाग ने अपनी रिपोर्ट कोर्ट में दी कि किसी तरह से अग्रिम शमन शुल्क जमा होना पूरी तरह औचित्यहीन है। क्योंकि अवैध निर्माण के शमन के लिए कोई मानचित्र जमा नहीं किया गया। ऐसे में शमन की कोई प्रक्रिया नहीं चल रही है।
वहीं मानचित्र सेल के प्रभारी राहुल श्रीवास्तव ने बताया कि उनके यहां 24 दिसंबर 2016 को निर्माण का मानचित्र पहले ही निरस्त किया जा चुका है। इसकी वजह मौके पर पहले ही निर्माण हो जाना था। ऐसे में अवैध निर्माण को शमन करने के बाद नियमित करने की कोई वजह नहीं पाई गई।
इसके बाद विहित प्राधिकारी ने 15 दिन के अंदर निर्माण को तोड़ने के लिए समय पूर्व मंत्री को दिया है। 15 दिन के बाद निर्माण नहीं टूटने पर खुद एलडीए निर्माण तोड़ देगा।