लखनऊ। बारहवें इमाम मेहंदी की विलादत का जश्न बुधवार को भी शिया समुदाय ने जारी रहा। महफिलों के आयोजन के साथ कर्बला, इमामबाड़ों और घरों में नज्र दिलाने व चखने का सिलसिला चलता रहा।
हुसैनाबाद ट्रस्ट की ओर से खदरा स्थित कर्बला मलका आफाक में जश्ने मसर्रत का आयोजन किया गया। अकीदतमंदों ने कर्बला पहुंचकर जियारत और नज्र की। लोगों ने दोस्तों व रिश्तेदारों के घर जाकर नज्र चखी। मंसूरनगर स्थित इमामबाड़ा उम्मूल बनीन में जश्ने-नूर-ए-असर का आयोजन किया गया। इसे मौलाना सैयद हैदर अब्बास रिजवी ने खिताब किया।
हसनपुरिया स्थित अब्बासिया मस्जिद में जश्ने मुंतजिर मनाया गया। महफिल को मौलाना जमन हैदर जैदपुरी और मौलाना फिरोज अब्बास ने खिताब किया। डालीगंज स्थित कर्बला नसीरुद्दीन हैदर में महफिल ए कायम को मौलाना एजाज अतहर ने खिताब किया। वजीरगंज स्थित मस्जिद बुतूली बेगम व इमामबाड़ा जनाबे औन और मोहम्मद में जश्ने इमामे अस्र में मौलाना फिरोज अब्बास नकवी ने खिताब किया।
बजरे की जियारत का सिलसिला
मेहंदी घाट पर गोमती पर नावों को जोड़कर सजाए बजरे की जियारत के लिए अकीदतमंद बुधवार को भी पहुंचते रहे। शिया समुदाय ने अरीजे (अर्जी) में मन्नतें लिखकर उसे आटे में लपेटकर दुआ पढ़ी और इसे हजरत इमामे जमाना की खिदमत में गोमती में डाला।