फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'जीएसटी से लाखों महिलाओं के हाथ से चिकन व जरदोजी का काम छिन जाएगा'

Sat, 24 Jun 2017 11:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
अमर उजाला के कार्यक्रम में व्यापारी - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
कपड़ा और रेडीमेड गारमेंट्स के व्यापारियों का कहना है कि कपड़ों को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से मुक्त रखा जाए। उनकी मांग है कि व्यापारियों के बजाय कपड़ा फैक्ट्रियों पर जीएसटी लगाया जाए।
विज्ञापन


वहीं, एक व्यापारी उत्तम कपूर ने कहा कि जीएसटी थोपने से लाखों महिलाओं के हाथ से चिकन एवं जरदोजी का काम छिन जाएगा।

अमर उजाला कार्यालय में शुक्रवार को आयोजित संवाद में कपड़ा व्यापारी अशोक कुमार मोतियानी ने कहा कि केंद्र सरकार ने फैब्रिक्स कपड़े पर 18 फीसदी जीएसटी लगा दिया, जबकि राज्य सरकार का इस पर कोई टैक्स नहीं था।

उन्होंने कहा कि बड़े कपड़ा घरानों की पैरवी पर काउंसिल ने कपड़े पर जीएसटी थोप दिया, जो बर्दाश्त नहीं और इसका विरोध जारी रहेगा।
विज्ञापन

कपड़ा फैक्ट्रियों पर लगाए जीएसटी

सुशील गुरनानी ने कहा कि सरकार कपड़ा व्यापारियों से जीएसटी वसूलना चाहती तो वह कपड़ा फैक्ट्रियों पर लगा दे। व्यापारी जीएसटी चुकाकर कपड़े की खरीद करेगा।

रेडीमेड व्यापारी अमरनाथ मिश्र ने जीएसटी काउंसिल से मांग की कि जीएसटी में व्यापारी को 10 लाख रुपये के दुर्घटना बीमा का लाभ एवं पेंशन दी जाए, क्योंकि वैट के तहत राज्य सरकार पंजीकृत व्यापारी को पांच लाख का दुर्घटना बीमा का लाभ दे रही है।

सुरेश छबलानी ने कहा कि सरकार चिकन को बढ़ावा देना चाहती तो उस पर जीएसटी हटाए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें