लखनऊ। नगर निगम की गोमती नगर केंद्रीय कार्यशाला में नए भवन निर्माण के कारण डीजल पंप बंद किए जाने से प्रभावित हुई कूड़ा उठान व्यवस्था बुधवार को बाहर के पंपों से तेल दिलाए जाने के बाद सुधरी। हालांकि, कुछ जगहों पर समस्या बनी रही। इसकी वजह तेल के लिए लंबी दूरी रही।
केंद्रीय कार्यशाला की जमीन पर नगर निगम का नया मुख्यालय बनना है। इस कारण यहां लगा डीजल पंप हटाया जा रहा है। इस वजह से तीन दिन से डीजल की समस्या हो गई। कुछ गाड़ियों को नगर निगम ने प्राइवेट पंपों से डीजल दिलवाया, पर सभी को तेल नहीं मिला। इससे 77 वार्डों में कूड़ा उठान बेपटरी हो गया। इस पर बुधवार को अमर उजाला ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित की। इसके बाद बाहर के पंपों से गाड़ियों को तेल दिलाने का काम तेज हुआ और कूड़ा उठान व्यवस्था सुधरी। हालांकि कई जगहों पर समस्या रही। महात्मा गांधी जियामऊ वार्ड के पार्षद अमित चौधरी ने बताया कि बुधवार को कूड़े का उठान हुआ। भवानीगंज वार्ड के पूर्व पार्षद और मौजूदा पार्षद के पति संतोष राय ने बताया कि बुधवार को भी कूड़ा उठान नहीं हुआ।
लंबी दूरी से तेज लेने की वजह से हुई समस्या
नगर निगम की ओर से अभी आशियाना से लगे औरंगाबाद इलाके के पंप से तेल दिलाना शुरू किया गया है। एक अधिकारी ने बताया कि नगर निगम के आठ जोन है और सभी के लिए औरंगाबाद का पंप तय किया गया है। अब इंदिरा नगर और पुराने शहर की गाड़ियां तेल लेने जाएंगी तो आधा तेल इसीमें खर्च हो जाएगा और समय भी ज्यादा लगेगा। इस वजह से कई जोन से तेल लेने ही नहीं गए। मुख्य अभियंता मनोज प्रभात ने बताया कि जोन एक, तीन और सात के लिए बर्लिंग्टन चौराहा के पास पंप से तेल मिलेगा और जोन छह व चार के लिए जोन आठ में औरंगाबाद का पंप तय किया है। दावा किया कि बुधवार को डीजल के चलते कहीं पर कूड़ा उठान में समस्या नहीं आई।
-
गाड़ियों की मरम्मत में होगी देरी, सफाई पर पड़ेगा असर
सफाई, मलबा उठान आदि की करीब 300 गाड़ियों की मरम्मत का काम अभी गोमती नगर कार्यशाला में ही होता है लेकिन अब यहां नया मुख्यालय बनाने के लिए इसे बंद किया जा रहा है। जिसका सीधा असर शहर की सफाई व्यवस्था पर पड़ेगा। इस संबंध में बुधवार को केंद्रीय कार्यशाला के कर्मचारी नेताओं ने बैठक भी। इसमें यह बात आई कि कार्यशाला का निर्माण सामने ही सड़क के दूसरी ओर सलेज फार्म की खाली जगह पर कराया जाए। अब इस बारे में कर्मचारी नगर आयुक्त को मांग पत्र देंगे। मुख्य अभियंता मनेाज प्रभात ने कहा कि अभी निर्माण कार्यशाला की खाली जमीन पर होगा। जहां गाड़ियों की मरम्मत होती हैं वहां पर काम शुरू नहीं होगा। उससे पहले ही दूसरी जगह कार्यशाला को शिफ्ट कर लिया जाएगा। ऐसे में गाड़ियों की मरम्मत पर कोई असर नहीं आएगा।
शहर में कई जगह दोपहर 12 बजे तक लगे रहे कूड़े के ढेर।
शहर में कई जगह दोपहर 12 बजे तक लगे रहे कूड़े के ढेर।