गोमती तटों पर झूमते गाते गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन में पहुंचे भक्त। अमर उजाला
गणपति बप्पा मोरया अगले बरस तू जल्दी आना... के उद्घोष से शुक्रवार को गोमती के घाट गूंज उठे। नदी किनारे उमड़े श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया। इस दौरान कई भक्त विशेषकर बच्चे काफी भावुक हो गए। झूलेलालघाट, कुड़ियाघाट और खाटू श्याम मंदिर घाट पर सुबह से ही विसर्जन शुरू हो गया जो शाम तक जारी रहा।
गणेश चतुर्थी पर घरों मेें गणपति की मूर्तियों की स्थापना कर विधि-विधान से पूजन-अर्चन शुरू हुआ था। इसी के साथ भव्य पंडालों में भी गणपति की मूर्तियां स्थापित की गई थीं। कहीं पांच तो कहीं सात व दस दिवसीय आयोजनों की शुरुआत हुई थी। घरों में गणपति की मूर्तियों की स्थापना करने वाले श्रद्धालुओं में से बड़ी संख्या में लोग शुक्रवार को गोमती घाटों पर विसर्जन के लिए पहुंचे। बहुत से श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं तो कुछ बच्चे बप्पा की मूर्तियोंं को पकड़कर बैठ गए और जिद करने लगे कि इन्हें विसर्जित न करो और घर ले चलो। बड़ों के समझाने पर कि गणपति अगले साल फिर से आएंगे, तब बच्चे माने। झूलेलालघाट और कुड़ियाघाट पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। विसर्जन का सिलसिला शाम तक चला।