सूबे में पशु तस्करी, मानव अंग निकालने व इसका व्यापार, बाल श्रम, यौन शोषण जैसे कई गंभीर अपराधों पर गैंगस्टर एक्ट लागू होगा। इस एक्ट में दोषी ठहराए जाने पर दो से 10 साल की सजा हो सकती है और डीएम सम्पत्ति जब्त कर सकते हैं।
खास बात यह है कि इस एक्ट में जिन अपराधों को शामिल किया गया है, उसमें आरोपी को सामान्य धाराओं के अलावा गैंगस्टर एक्ट का भी सामना करना पड़ेगा। प्रदेश सरकार इस संबंध में जल्द ही अधिसूचना जारी करेगी।
गौरतलब है कि राज्य सरकार ने 1986 में बने गैंगस्टर एक्ट में बदलाव का प्रस्ताव विधानमंडल से पारित करवाकर राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा था। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने यूपी गिरोहबंद और समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम-2015 को मंजूरी दे दी है।
गैंगस्टर एक्ट में शामिल हैं ये अपराध
- मवेशियों को अवैध रूप से ले जाना और इनकी तस्करी
- बाल श्रम
- यौन शोषण
- मानव अंग निकालना व व्यापार करना
- बच्चों से भीख मंगवाना
- जाली भारतीय करेंसी की छपाई, लाना-ले जाना व वितरण
- नकली दवाओं का उत्पादन, विक्रय और वितरण
- आयुध एवं गोला-बारूद का निर्माण, बेचना व लाना-ले जाना
- वन्य जीवों का वध व इनके उत्पादों की तस्करी करना
- राज्य की सुरक्षा, लोक व्यवस्था और जीवन की गति को प्रभावित करने वाले अपराध
नया गुंडा एक्ट लागू
राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद गुंडा नियंत्रण अधिनियम लागू कर दिया गया है। इससे जुड़ी अधिसूचना प्रमुख सचिव विधायी की ओर से जारी की गई है। इसमें पुलिस आरोपी को सामान्य तौर पर 14 दिन के बजाय 60 दिन तक बंद कर सकती है। इस एक्ट में मानव तस्करी, गोहत्या, पशु तस्करी, मनी लांड्रिंग, बंधुआ मजदूरी, अवैध हथियारों का निर्माण व व्यापार, अवैध खनन आदि अपराधों को शामिल किया गया है।