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ब्लड कैंसर पीड़िता से गैंगरेप: लड़की बोली, सपने में भी नहीं सोंचा था दोस्त ही करेगा दरिंदगी

Mon, 11 Dec 2017 10:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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लखनऊ के सरोजनीनगर में दरिंदगी की शिकार ब्लड कैंसर से पीड़ित नाबालिग लड़की को उसके दोस्त ने ही दगा दिया। उसने कहा कि शुभम से काफी समय से दोस्ती थी। लेकिन सपने में भी नहीं सोचा था कि वह अपने दोस्त के साथ मिलकर उससे गैंगरेप करेगा।
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पीड़िता ने बताया वह शुभम पर विश्वास करके ही उसके साथ सुनसान स्थान पर बनी कोठरी में चली गई। लेकिन उसने दोस्ती पर कलंक लगा दिया। रोते हुए पीड़िता बोली कि पुलिस बूथ के पास मिले बुलेट मोटरसाइकिल सवार वीरेंद्र को अच्छा इंसान समझकर मदद मांगी। पिता की उम्र के वीरेंद्र ने भी दरिंदगी कर इंसानियत पर धब्बा लगाया। महिला पुलिसकर्मियों ने ढांढस बंधाया और डॉक्टरी मुआयने के लिए अस्पताल ले गईं।

वहीं, माता-पिता ने बताया कि बेटी शनिवार शाम 4.30 बजे गांव चिल्लावां की साप्ताहिक बाजार सब्जी लेने निकली थी। काफी देर तक न लौटने पर तलाश शुरू की। अनहोनी की आशंका में सारी रात जागते रहे। बेटी भोर 3 बजे अस्तव्यस्‍त हालत में घर पहुंची।
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बीमारी के चलते नहीं कर सकी मुकाबला
पीड़िता ने बताया कि वह साप्ताहिक बाजार में कुछ सामान लेने निकली थी। वहां शुभम यादव से मुलाकात हुई। दोस्ती के चलते उससे बातचीत की। उसने मोबाइल पर कुछ खास दिखाने की बात कही और दोस्त के साथ उसे भी बाइक पर बैठाया। घुमाते हुए नटकुर के पास सुनसान स्थान पर बनी कोठरी में ले गया। उसके मोबाइल में अश्लील वीडियो क्लिप व फोटो थे। शुभम व उसके दोस्त को छेड़खानी करते देख किशोरी ने विरोध जताया। इस पर दोनों ने उसे मुंह दबाकर गिरा दिया। बीमारी के चलते वह दोनों से मुकाबला करने में नाकाम रही।

वीरेंद्र पर विश्वास के कारण नहीं मचाया शोर

ब्लड कैंसर पीड़िता ने कहा कि शुभम व उसके दोस्त की दरिंदगी से बुरी तरह टूट गई थी। किसी तरह खुद को संभाला और पुलिस बूथ के बाहर बैठी थी। दर्द था और ठंड के कारण कांप रही थी। वीरेंद्र को मददगार के रूप में देखा और उसकी मोटरसाइकिल पर बैठ गई। रास्ते में पुलिसकर्मी नजर आए और सीआरपीएफ कैंप के सामने से गुजरी। बातचीत करते मोटरसाइकिल चला रहे वीरेंद्र पर विश्वास कर बैठी। इसके चलते शोर नहीं मचाया।

ऐसे पकड़ में आया चार बेटियों का पिता
एएसपी सिटी पूर्वी ने बताया कि किशोरी ने शुभम व उसके दोस्त पर घुमाने के बहाने कोठरी में ले जाकर गैंगरेप का आरोप लगाया। इसके अलावा बुलेट सवार ने उसे लिफ्ट देकर दरिंदगी की थी। सिपाहियों ने लड़की से लिफ्ट वाले व्यक्ति का हुलिया पूछा।

चौकी इंचार्ज को बताया कि चार बेटियों का पिता वीरेंद्र यादव रात को बुलेट से चौकी के सामने से निकला था। दुष्कर्म पीड़िता ने पुष्टि करते हुए कहा कि दरिंदे ने रास्ते में अपना नाम वीरेंद्र यादव और रायसिंह खेड़ा का निवासी बताया था। एएसपी ने कहा कि सिपाहियों की सजगता से वीरेंद्र की पहचान हुई।

महिला के गुप्तांग पर किया था वार, तड़प कर मर गई महिला

ब्लड कैंसर पीड़ित लड़की से गैंगरेप की वारदात ने गौरी हत्याकांड, बलसिंह खेड़ा कांड, डीजीपी ऑफिस के पास छात्रा से दरिंदगी के बाद हत्या,  दो युवतियों से दुष्कर्म के बाद हत्या करके शव के टुकड़े फेंके जाने की वारदातों की याद ताजा कर दी है। मोहनलालगंज के बलसिंहखेड़ा में प्राथमिक विद्यालय में 16 जुलाई 14 की रात दरिंदे ने एक महिला से हैवानियत के बाद गुप्तांग पर वार करके मार डाला। महिला स्कूल में काफी दूर तक घिसती रही और दम तोड़ दिया।

इंस्पेक्टर को निलंबित करने के साथ एसएसपी ने खुद पड़ताल शुरू की। दरिंदा युवती का परिचित था। जुर्म कुबूला और विगत दिनों कोर्ट ने उसे सजा सुनाई है। इसके बाद एक फरवरी 15 को पीजीआई इलाके में गौरी हत्याकांड ने राजधानी को दहला दिया।

अमीनाबाद इलाके की गौरी अपने दोस्त हिमांशु प्रजापति की कॉल आने पर घर से निकली। दोस्त उसे बाइक पर बैठाकर पीजीआई थाना क्षेत्र स्थित घर पर ले गया। दरिंदगी के बाद गौरी की हत्या की। शव के टुकड़े थैले में भरकर फेंके। कई दिनों बाद पुलिस ने हिमांशु प्रजापति को पकड़ा। खुलासा सही साबित करने के लिए उसके दोस्त अनुज गौतम को भी जेल भेज दिया गया।

बेगुनाह की गिरफ्तारी को लेकर फजीहत होने पर पुलिस ने कोर्ट को रिपोर्ट देकर उसे जेल से रिहा कराया। इससे पहले पारा में 24 अक्तूबर 14 की रात दरिंदों ने युवती से गैंगरेप के बाद हत्या की और शव फेंककर फरार हो गए। वारदात में पुलिस की लापरवाही उजागर होने पर इंस्पेक्टर समेत तीन पुलिसकर्मी निलंबित किए गए। वारदात में तीन दरिंदे पकड़े गए। चौक इलाके में नौ अप्रैल 14 को सात साल की बच्ची से सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई। पूरा इलाका आक्रोशित हुआ। पुलिस ने चार आरोपियों को पकड़ा। वर्ष 2015 में दरिंदों ने दो युवतियों से गैंगरेप के बाद हत्या की।
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बोरों में भरकर इलाके में फेंके थे शव के टुकड़े

हाथ-पैर और धड़ अलग-अलग बोरों में भरकर मड़ियांव इलाके में  फेंके, जबकि दोनों के सिर सीतापुर जिले में फेंककर फरार हो गए। इस वारदात का आज तक खुलासा नहीं हुआ है।

इसी साल डीजीपी ऑफिस से चंद कदम दूर दरिंदों ने कक्षा नौ की एक छात्रा से गैंगरेप के बाद हत्या की और लाश झाड़ियों में छिपाकर तीन दिन तक उससे भी हैवानियत करते रहे। पुलिस ने कई दिन खाक छानने के बाद चार दरिंदों को पकड़ा।
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