रायबरेली में परशदेपुर कस्बा स्थित गंगोत्री अस्पताल।
रायबरेली। डीह थाना क्षेत्र के मटियारा चौराहा स्थित ऊं गंगोत्री हॉस्पिटल में सिजेरियन प्रसव के दौरान प्रसूता की यूरीन की नली को बंद करने से महिला की मौत की जांच पूरी हो गई है। जिसके बाद शुक्रवार को सीएमओ ने हॉस्पिटल का लाइसेंस निरस्त कर दिया। मामले में डीह थाने में दर्ज मुकदमे की विवेचना में पुलिस जुट गई है। आरोपी फरार है।
परशदेपुर क्षेत्र के वीरपुर मजरे बरावां गांव निवासी अनिल कुमार ने गत 14 सितंबर को पत्नी संजू देवी (27) को मटियारा चौराहा स्थिति ऊं गंगोत्री हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। सिजेरियन प्रसव के बाद लखनऊ में इलाज के दौरान प्रसूता की मौत हो गई थी। मृतका के पति की तहरीर पर डीह थाने में आशा बहू, गंगोत्री हॉस्पिटल के डॉक्टर व प्रबंधक के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। सिजेरियन प्रसव के दौरान प्रसूता की यूरीन की नली को बंद करने का आरोप लगाया गया था।
मामले में सीएमओ के आदेश पर एसीएमओ डॉ. अरविंद कुमार की कमेटी ने जांच की। कई लोगों के बयान दर्ज किए गए, लेकिन संचालक बुलाने के बाद भी बयान देने के लिए नहीं आया। मामला डीएम के संज्ञान में भी आया। डीएम हर्षिता माथुर ने पूरी पत्रावली को तलब करके गहन समीक्षा करने के बाद तत्काल जांच पूरी करके लाइसेंस को निरस्त करने के निर्देश दिए। शुक्रवार को मामले की जांच पूरी हो गई।
जांच में अस्पताल संचालक की लापरवाही उजागर हुई है। अल्ट्रासाउंड की जांच रिपोर्ट अच्छी होने व प्रसूता के शरीर में पर्याप्त ब्लड होने के बाद भी सिजेरियन प्रसव करने की मनमानी पकड़ी गई। अमर उजाला ने गत 19 सितंबर के अंक में जांच में गंगोत्री हॉस्पिटल का संचालक दोषी शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। जांच पूरी होने के बाद शुक्रवार को सीएमओ ने अस्पताल के लाइसेंस को निरस्त कर दिया।
प्रसव में लापरवाही की पुष्टि
परशदेपुर के मटियारा चौराहा स्थित ऊं गंगोत्री हॉस्पिटल की जांच पूरी हो गई है। सिजेरियन प्रसव में लापरवाही की पुष्टि होने के बाद अस्पताल के लाइसेंस को निरस्त कर दिया गया है। मुकदमे की विवेचना डीह पुलिस कर रही है।
- डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ