मेरठ से प्रयागराज तक बनने वाले गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर होगा। बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) की निदेशक मंडल की बैठक में इसके लिए निवेशकों को तलाशने का निर्णय लिया गया।
इसकी अध्यक्षता यूपीडा के सीईओ अवनीश अवस्थी ने की। गौरतलब है कि गंगा एक्सप्रेस-वे परियोजना की कुल लागत 36 हजार 410 करोड़ रुपये है। इसमें भूमि अधिग्रहण की लागत 9 हजार 255 करोड़ रुपये अनुमानित हैं। इस परियोजना से मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ व प्रयागराज के लोग लाभान्वित होंगे। परियोजना के लिए लगभग 7800 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता होगी। वहीं, बैठक में निदेशक मंडल ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर टोल की वसूली के लिए दो मुख्य टोल प्लाजा व 15 रैंप प्लाजा के संचालन, पांच एंबुलेंस और 10 पेट्रोलिंग वाहन संचालित करने के लिए मैसर्स सहकार ग्लोबल को कार्यादेश जारी करने का अनुमोदन किया। वहीं, यह भी बताया गया कि बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का काम तेजी से चल रहा है और अब तक 21 प्रतिशत काम हो चुका है।