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गंगा एक्सप्रेस वे हादसा: चार बेटियों की मौत के मामले में जेल भेजा गया कार चालक, कोर्ट में तैनात रही पुलिस

Wed, 11 Feb 2026 08:16 AM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, रायबरेली

सार

रविवार शाम निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे पर कार की चपेट में आने से कोडर की आसमां, हिमांंशी, शालिनी और रश्मि यादव की मौत हो गई थी, जबकि पांच लड़कियां घायल हुई थीं। मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
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- फोटो : amar ujala
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विस्तार
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निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे पर हुई चार बेटियों की हत्या के मामले में आरोपी कार चालक विकास मिश्रा को मंगलवार को दीवानी कचहरी स्थित सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे पुलिस अभिरक्षा में लेते हुए जेल भेज दिया गया। कचहरी परिसर में घटना से नाराज लोग चालक पर हमला न कर दें, इसलिए पुलिस फोर्स चौकन्ना रही।

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जगतपुर थाना क्षेत्र में रविवार की शाम चूली गांव के पास निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे पर कार की चपेट में आने से कोडर की आसमां, हिमांंशी, शालिनी और रश्मि यादव की मौत हो गई थी, जबकि पांच लड़कियां घायल हुई थीं। मृतक रश्मि यादव के पिता रामरतन यादव की तहरीर पर जगतपुर थाने में कार संख्या यूपी 73वी 7477 के चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

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रामरतन का आरोप है कि कार चालक ने चार लड़कियों की हत्या की है। पुलिस ने सोमवार को जगतपुर कस्बे के पास से कौशाम्बी जिले के धनवंतरी नगर एनडी कॉलोनी नया बाजार कसिया भरवारी निवासी विकास मिश्रा को पकड़ा था। विकास गैरेज संचालन करने के साथ ही इंश्योरेंस का भी काम करता है। जगतपुर थाना प्रभारी पंकज कुमार त्यागी ने बताया कि कोर्ट में पेश करने के बाद आरोपी चालक को जेल भेजा गया है।

अर्चना भुला नहीं पा रही वो खौफनाक मंजर

अर्चना - फोटो : amar ujala
(मनोज त्रिवेदी)। गंगा एक्सप्रेसवे पर रविवार की शाम हुए हादसे ने कोडर और चूली गांव के हर शख्स को भीतर तक हिला दिया है। कोडर गांव की 13 साल की अर्चना ने हादसे के खौफनाक मंजर को अपनी आंखों से देखा था। जिस बाद से वह गुमसुम सी है। उसे चीखती लड़कियों और खून के निशान बेचैन कर रहे हैं। रह-रहकर उसे मौज के मंजर की याद दहला जाती है। अर्चना ने ही सबसे पहले मौत बनकर आ रही कार को देखा था।

अर्चना बताती है कि भंडारे में शामिल होने के बाद वह अन्य लड़कियों के साथ घटनास्थल पर खड़े होकर बात कर रही थी। सभी साथ-साथ आगे बढ़ने लगे। इस दौरान शाम सात बजे पूरब की ओर से बहुत तेज रफ्तार में एक कार को सभी ने नजदीक आते देखा। इस पर हमने सभी से कहा कि वो देखो कार आ रही है। इतना सुनते ही सब इधर उधर भागने लगे और इसी बीच कार ने नौ लड़कियों को कुचल डाला। हादसे में वह उछल कर एक्सप्रेसवे से नीचे गिर गई थी। थोड़ी देर बाद उसको होश आया तो सड़क पर लोगों की चीखें और खून देखा। वह अभी तक इस सदमे से बाहर नहीं निकल पा रही है।
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गांव की गलियां सूनी, नहीं जले चूल्हे

कोडर गांव में पसरा सन्नाटा - फोटो : amar ujala
कोडर गांव में जहां चहल-पहल रहती थी वहां सन्नाटा पसरा हुआ है। गांव की गलियां सूनी हैं और लोग हादसे को रह-रह कर याद करते हैं। रविवार को हुए हादसे में चार युवतियों की मौत के बाद से गांव में मातम पसरा है। मृतक युवतियों के परिजनों के आंसू अभी थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। उधर पांच घायल बेटियों का अलग- अलग अस्पताल में इलाज जारी है।
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