एक्सप्रसेवे के अधिकारियों ने दावा किया है कि यहां जो सिस्टम तैयार किया गया है, वह पारंपरिक टोल से आगे है। इसमें फास्टैग बेस्ड कलेक्शन, एएनपीआर (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) और भविष्य में जीपीएस टोलिंग की तैयारी का रोडमैप है। यानी गाड़ी की रफ्तार कम किए बिना टोल कटेगा।
518 गांवों के युवाओं को काम
एक्सप्रेस-वे के किनारे बसे गांवों में इस प्रोजेक्ट का असर दिखता है। एक्सप्रेस तैयार करने वाली कंपनी के मुताबिक 518 गांवों के करीब 5700 युवाओं को रोजगार दिया है। इसमें से लगभग 1200 लोग टोल ऑपरेशन में हैं। 2500 लोग श्रम आधारित काम में हैं और 2000 लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिला है।
- कानपुर, कन्नौज से मेहंदीघाट, बिलग्राम एवं मल्लावां हरदोई होते हुए सीतापुर-लखनऊ जाने वाले सभी भारी वाहन कन्नौज बक्सीपुरवा से बिल्हौर होते हुए बांगरमऊ कट (आगरा एक्सप्रेसवे किमी 238) से निकाले जाएंगे।
- फतेहगढ़ से सीतापुर लखनऊ के भारी वाहन हुल्लापुर चौराहे से शाहजहांपुर होकर जाएंगे।