पीलीभीत की रहने वाली सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता किशोरी ने रविवार रात करीब ढाई बजे केजीएमयू में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। 75 प्रतिशत झुलसी किशोरी सात दिन से भर्ती थी। सोमवार दोपहर को महिला चिकित्सकों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। इसके बाद परिवारीजन शव लेकर चले गए।
12 दिन पहले पीलीभीत के एक गांव में किशोरी के साथ दो युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म किया था। विरोध पर आरोपियों ने किशोरी पर डीजल डालकर जला दिया था। तीन दिन बाद किशोरी को होश तो आया, लेकिन उसकी हालत फिर बिगड़ गई। इसके बाद उसे केजीएमयू के लिए रेफर किया गया था। उपचार कर रहे प्लास्टिक सर्जन और बर्न इंजरी विभाग के प्रमुख डॉ. ब्रजेश मिश्रा के मुताबिक, भर्ती के समय किशोरी करीब 75 फीसदी जल चुकी थी। उसे आईसीयू में रखा गया था। इस बीच संक्रमण लगातार बढ़ने लगा। ऑपरेशन से पैर को संक्रमण मुक्त रखने का प्रयास किया गया। हालांकि सेप्सिस के कारण रविवार रात करीब ढाई बजे किशोरी की मौत हो गई।
तीन डॉक्टरों के पैनल ने किया पोस्टमार्टम
रात 2.40 बजे डेथ मेमो पोस्टमार्टम हाउस भेजा गया। चौक पुलिस ने शव का पंचनामा भरा। इसके बाद सोमवार दोपहर करीब 12 बजे तीन विशेषज्ञ महिला चिकित्सकों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। इसकी वीडियो व फोटोग्राफी भी कराई गई। स्लाइड व स्वाब बनाया गया और बिसरा सुरक्षित रखा गया है।
बेटी से नहीं मिल सका पिता
प्रो. ब्रजेश मिश्रा के मुताबिक, पीड़िता के साथ पीलीभीत से पुलिस टीम आई थी। एसपी पीलीभीत लगातार जानकारी ले रहे थे। हालांकि, संक्रमण के डर से किशोरी से उसके पिता की मुलाकात नहीं कराई गई। हालांकि, आईसीयू प्रभारी पीड़िता के पिता को इलाज की जानकारी दे रहे थे।