फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डिलीवरीबॉय को झांसा देकर पार करते थे महंगे मोबाइल, अमेजन को लगाई दो करोड़ की चपत

Tue, 02 Apr 2019 11:15 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
विज्ञापन
पुलिस ने गिरोह को पकड़ा - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
हजरतगंज पुलिस और साइबर सेल ने अमेजन कंपनी से दो करोड़ रुपये के आई फोन एक्स और वन प्लस 6 टी मोबाइल फोन हड़पने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन शातिरों को मंगलवार को नवल किशोर रोड हजरतगंज से गिरफ्तार कर लिया। पकडे़ गए बदमाश अमेजन डॉट इन वेबसाइट पर शॉपिंग के लिए फर्जी आईडी बनाकर खेल करते थे।
विज्ञापन


कंपनी की तरफ से अधिकृत प्रतिनिधि नई दिल्ली के जंगपुरा रोड निवासी अधिवक्ता जितेंद्र सैनी ने सोमवार को ही इस मामले में हजरतगंज कोतवाली में केस दर्ज कराया था। क्षेत्राधिकारी अभय कुमार मिश्रा ने बताया कि पकड़े गए बदमाश राजस्थान के जयपुर सांगानेर स्थित तिरुपति बालाजी नगर निवासी धारा सिंह, जयपुर के बस्सी जाजवार्ड के दौपुर गांव में रहने वाला राजकुमार मीना उर्फ राहुल और जाजवार्ड के दामस्या गांव का प्रहलाद सिंह हैं। 

 

ऑनलाइन ऑर्डर की डिलीवरी होते ही पैकेट से प्रोडक्ट उड़ाकर उसे लौटाने का फर्जीवाड़ा कर रहे थे। वे बीते दो साल से फर्जी आईडी पर सिमकार्ड लेकर एक ई-मेल बनाते थे। इसके बाद ऑनलाइन शॉपिंग के लिए अमेजन कंपनी में अपने फर्जी नाम का रजिस्ट्रेशन कराकर ऑर्डर जारी करते थे। 

अमूमन शातिर सबसे महंगे आई फोन एक्स और वन प्लस 6 टी मोबाइल फोन के ही ऑर्डर देते थे। कंपनी की तरफ से मोबाइल फोन डिलीवर करने के लिए जो डिलीवरी बॉय जाता था, शातिर उसे बातों में फंसाकर आवासीय पते की जगह पर रास्ते में ही कहीं बुला लेते थे। 

फोन की जगह साबुन भर लौटा देते थे पैकेट

बकौल क्षेत्राधिकारी, शातिर सफेद रंग की स्कॉर्पियो कार से मोबाइल फोन की डिलीवरी लेने जाते थे। कंपनी की प्रक्रिया के मुताबिक, प्रोडक्ट की डिलीवरी होते ही ग्राहक के मोबाइल फोन पर एक वन टाइम पासवर्ड भेजा जाता है। यह पासवर्ड डिलीवरी बॉय को बताना होता है। शातिर पासवर्ड बताने के बहाने डिलीवरी बॉय को कुछ देर उलझा लेते थे।

इस बीच कार के भीतर बैठा उनका साथी पैकेट खोलकर उसमें से कीमती मोबाइल फोन निकाल लेता था और साबुन अथवा रिन बार रखकर पैकेट फिर से बंद कर देता था। कंपनी की तरफ से पासवर्ड न भेजे जाने की बात कहकर शातिर अपने ऑर्डर का पैकेट डिलीवरी बॉय को वापस कर देते थे। वह वापस किया गया पैकेट कंपनी के सीतापुर रोड योजना सेक्टर ई स्थित कंपनी के डिलीवरी स्टेशन पर जमा करा देता था।

उधर, शातिर ऑनलाइन ही अपना ऑर्डर निरस्त कर कंपनी से मोबाइल फोन की पूरी कीमत ले लेते थे। इस बीच कंपनी को डिलीवरी स्टेशन पर वापस मिले पैकेट से प्रोडक्ट गायब होने और उनके स्थान पर साबुन की टिकिया मिलने की कई शिकायतें मिलीं तो जांच कराई गई। 
विज्ञापन

डिलीवरी बॉय से पूछताछ में सामने आया मामला 

जांच टीम ने डिलीवरी बॉय से पूछताछ की तो पूरा मामला सामने आया। इसके बाद केस दर्ज कराया गया। पुलिस टीम में साइबर सेल के प्रभारी निरीक्षक नंदलाल, निरीक्षक संतोष कुमार, उपनिरीक्षक राहुल राठौर, मुख्य आरक्षी फिरोज अहमद, अजय पांडेय, आरक्षी आशीष मिश्रा, अखिलेश कमार सिंह, शरीफ खान, हरि किशोर, मनवीर, संतोष कुमार और अर्चित शामिल हैं।

ये सामान हुए बरामद
आईफोन और वन प्लस कंपनी के 21 मोबाइल फोन, ताजमहल कंपनी के चाय के दो पैकेट, आईफोन कंपनी के दो फर्जी पैकेट, तीन डबल लेयर सफेद टेप, एक स्क्रैच वाला टेप, एक अमेजन का प्रिंटेड टेप, 3300 रुपये नकद, आइडिया कंपनी के 45, वोडाफोन कंपनी के 25 व बीएसएनएल के 11 प्री एक्टिवेटेड सिमकार्ड, राजस्थान के पंजीकरण की एक सफेद रंग की स्कॉर्पियो कार।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें