लखनऊ। केजीएमयू में दवा घोटाला उजागर होने के बाद अब असाध्य योजना में पंजीकृत मरीजों को एक बार की जांच और इलाज का पैसा उनके खाते में भेजा जाएगा। अगली बार आने पर मरीजों को राशन कार्ड और अन्य दस्तावेज जमा करने होंगे। यह फैसला शनिवार को कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया। इससे गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को राहत मिलेगी।
केजीएमयू में असाध्य योजना के तहत कैंसर समेत अन्य गंभीर बीमारियों के मरीजों को निशुल्क इलाज की सुविधा मिलती है। दवा खरीद में घोटाला सामने आने आने के बाद योजना में पंजीकृत मरीजों के कार्ड नवीनीकरण और इलाज की प्रक्रिया प्रभावित हो गई थी। डॉक्टर नए मरीजों का असाध्य कार्ड बनाने में कतरा रहे हैं। तीन के बजाय एक साल के बाद ही कार्ड का नवीनीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। 35 हजार रुपये सालाना आय प्रमाणपत्र के स्थान पर गृहस्थी व परिवार राशन कार्ड की अनिवार्यता कर दी गई है।
प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि फिलहाल पुराने पंजीकृत मरीजों को एक बार इलाज और जांच के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी। जब मरीज दोबारा इलाज के लिए आएंगे तो उन्हें राशन कार्ड समेत अन्य जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे। इनके सत्यापन के बाद ही योजना का नवीनीकरण किया जाएगा। असाध्य योजना में नए मरीजों का पंजीकरण नए नियमों के अनुसार ही किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मरीजों की परेशानी को देखते हुए यह अंतरिम व्यवस्था की गई है। योजना में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए दस्तावेजों की जांच प्रक्रिया मजबूत की जाएगी।