ग्रामीण अवस्थापना विकास निधि (आरआईडीएफ) से मिलने वाले ऋण पर ब्याज की दरें घटा दी गई हैं।
प्रदेश सरकार ने अधिकारियों से अधिक से अधिक परियोजनाओं की मंजूरी के लिए प्रयास करने को कहा है।
नाबार्ड आरआईडीएफ योजनातर्गत सिंचाई, लोक निर्माण, पशुपालन, बाल विकास एवं पुष्टाहार, माध्यमिक शिक्षा, वन, कृषि, लघु सिंचाई आदि विभागों की विभिन्न योजनाओं के लिए ऋण उपलब्ध कराता है।
इसके लिए नाबार्ड प्रदेश सरकार को अब तक 7.50 प्रतिशत की ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराता था। इसे अब घटाकर 7.25 प्रतिशत कर दिया गया है। नाबार्ड की मदद से सूबे में अब तक चार हजार से अधिक परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं।
प्रमुख सचिव वित्त आनंद मिश्र ने आरआईडीएफ योजना से परियोजनाएं चलाने वाले विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे नाबार्ड से अधिक से अधिक परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त करने की कार्यवाही करें।