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बिना दस्तावेज मिला 2.50 लाख की कैंसर रोधी दवाओं का स्टॉक

Wed, 27 Mar 2019 01:32 AM IST
manoj tiwari न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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दवाई - फोटो : self
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लखनऊ। खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की ड्रग इकाई ने मंगलवार को राजधानी की छह प्रमुख दवा दुकानों का निरीक्षण कर दवा बिक्री में हो रही गड़बड़ी को पकड़ा। चौक इलाके में एक दवा दुकान पर ढाई लाख से अधिक की कैंसर रोधी दवा मिली, जिसका कोई रिकॉर्ड नहीं था। इसके बाद दुकान का दवा स्टॉक सीज कर अगले आदेश तक सभी तरह की दवा की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी गई। दो अन्य दवा दुकानों पर जांच टीम एक्सपायरी दवाएं मिलीं। औषधि निरीक्षकों की टीम ने संचालकों को नोटिस जारी करते हुए एक्सपायर दवाओं को नष्ट कराया।
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वरिष्ठ औषधि निरीक्षक रमाशंकर ने बताया कि आयुक्त एफएसडीए के निर्देश पर वर्ष 2013 से पहले खरीदी गईं एंटी कैंसर ड्रग के बिक्री स्टाक की जांच के लिए मंगलवार को औचक निरीक्षण किया गया। औषधि निरीक्षक माधुरी सिंह के साथ गठित टीम ने पहली कार्रवाई चौक स्थित सोनिया मार्केट में संचालित नारायण मेडिकेड दुकान पर की। दुकान पर ढाई लाख से अधिक कीमत की एंटी कैंसर ड्रग का स्टॉक मिला। दुकान पर मौजूद संचालक इनकी खरीद व बिक्री से जुड़े कोई भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा पाया। जांच टीम ने चौक इलाके में आरएन मेडिकल व एक अन्य मेडिकल दुकानों की भी जांच पड़ताल की। एक दुकान में तो सब कुछ दुरुस्त मिला लेकिन आरएन मेडिकल में कुछ एक्सपायर हो चुकी दवाएं भी मिलीं। संचालक को नोटिस जारी किया गया।

इसके बाद टीम निरीक्षण के लिए लोहिया अस्पताल गोमती नगर के समीप संचालित आरएमएल मेडिकल स्टोर व दो अन्य दवा दुकानों पर पहुंची। जांच के दौरान आरएमएल मेडिकल स्टोर में न तो दवाओं का रख-रखाव उचित मिला और न ही मौके पर कोई फार्मेसिस्ट मिला। यहां भी वर्ष 2018 में एक्सपायर हो चुकी कुछ दवाएं रखी मिलीं। दुकान संचालक को नोटिस जारी करते हुए तीन दिन में लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है। पेशेंट मित्रा में दवाओं का रखरखाव ठीक मिला।
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