खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने 19 राज्यों को उनके यहां बनीं अधोमानक और नकली दवाओं के निर्माताओं पर कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है। अपर मुख्य सचिव खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने सोमवार को इन प्रदेशों के सचिव, आयुक्त, महानिदेशकों को 233 निर्माता फर्मों से संबंधित 492 मामलों की जानकारी दी है। ये सभी मामले 2017-18 और 2018-19 के हैं। इस संबंध में सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण भारत सरकार को भी पत्र भेजा गया है।
अपर मुख्य सचिव डॉ. अनीता भटनागर जैन ने बताया कि आंध्र प्रदेश, पंजाब, गुजरात, दमन, दिल्ली, गोवा, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, सिक्किम, तमिलनाडु, उत्तराखंड, बिहार, तेलंगाना, कोलकाता के सचिव, आयुक्त और महानिदेशकों को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है।
इन प्रदेशों को 2017-18 के 402 दवाओं और 2018-19 की 90 अधोमानक और नकली दवाओं के मामलों की जानकारी दी गई है। इसके अलावा सभी प्रदेशों से उत्तर प्रदेश के दवा निर्माताओं से संबंधित मामलों की जानकारी भी मांगी गई है, जिससे उन फर्मों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। सबसे अधिक मामले हिमाचल प्रदेश के 159 और उत्तराखंड के 162 हैं।