दुबग्गा। काकोरी के दोना गांव निवासी दिलीप रावत की हत्या उसके दोस्त मुजीब ने रुपयों की लालच में की थी। पुलिस ने आरोपी मुजीब को गिरफ्तार कर लिया है।
इंस्पेक्टर सतीश चंद्र राठौर के अनुसार, दिलीप के भाई मस्तराम रावत ने सात जुलाई को मुजीब के खिलाफ अपहरण की एफआईआर दर्ज कराई थी। बुधवार को भलिया अंडरपास के पास दिलीप का शव मिला। पुलिस ने मुजीब को हिरासत में लेकर पूछताछ की। उसने दिलीप की हत्या की वारदात कबूल कर ली। मुजीब ने बताया कि वह ऑटो चलाता है। सात जुलाई को उसकी मुलाकात दिलीप से जीरो पॉइंट पर हुई। दिलीप ने नया ऑटो खरीदने की बात कही। दिलीप उसके साथ उसके घर पहुंचा और ऑटो खरीदने के लिए 80 हजार रुपये लेकर निकला। दोनों ऑटो एजेंसी पहुंचे, जहां 50 हजार रुपये ऑटो के लिए और एक हजार रुपये ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के नाम पर जमा किए गए।
सिगरेट पीने के बहाने रुकवाया ऑटो और गमछे से कस दिया गला
मुजीब ने बताया कि दोनों ने खाना खाया, नया मोबाइल खरीदा और शराब पी। वह और दिलीप ऑटो से गांव की ओर निकल पड़े। नागेश्वर मंदिर के आगे उसने सिगरेट पीने के बहाने टेंपो रुकवाया। टेंपो रुकते ही उसने पीछे से गमछे से दिलीप का गला कस दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। शव को पीछे की सीटों के बीच रखकर वह भलिया अंडरपास होते हुए एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड पर पहुंचा। उसने सुनसान जगह पर शव को फेंक दिया। वारदात के बाद वह दिलीप का मोबाइल और रुपये लेकर भाग गया। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर मृतक का मोबाइल फोन, 4,800 रुपये, हत्या में प्रयुक्त गमछा और घटना में इस्तेमाल ऑटो बरामद कर लिया।
एसीपी शकील अहमद ने बताया कि आरोपी के खिलाफ हत्या, साक्ष्य मिटाने, लूट और एससी-एसटी एक्ट की धारा में एफआईआर दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।