लखनऊ विश्वविद्यालय के इंग्लिश एंड मॉडर्न यूरोपियन लैंग्वेजेज विभाग में छात्रा से अश्लील हरकतें करने के आरोपी शिक्षक को फिलहाल संबंधित कोर्स से हटा दिया गया है।
फ्रेंच पढ़ाने वाला आरोपी शिक्षक जांच पूरी होने तक कक्षाएं नहीं लेगा। कुलपति प्रो. एसबी निमसे ने बताया कि फिलहाल उनकी जगह प्रो. एके लाल को कक्षाएं लेने के लिए कहा गया है।
इसके साथ ही मामले की जांच के लिए छह सदस्यीय कमेटी का गठन भी किया गया है। कुलपति प्रो. निमसे का दावा है कि इंटर्नल कम्प्लेंट कमेटी (आईसीसी) का गठन मानव संसाधन विकास मंत्रालय की गाइडलाइंस के आधार पर किया गया है।
यह कमेटी 15 से 20 दिन में जांच करके अपनी रिपोर्ट देगी। विवि में आईसीसी के गठन के साथ ही वीमेन ग्रीवान्स रिड्रेसल कमेटी का अस्तित्व खत्म हो गया है।
एलयू ने बनाई इंटर्नल कम्पलेंट कमेटी
डेमो
वैसे तो विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने पांच जुलाई, 2016 को ही सर्कुलर जारी कर सभी विवि को निर्देश दिए थे कि वह अपने यहां आईसीसी का गठन करें, लेकिन एलयू ने अभी तक ऐसा नहीं किया था।
अब जब छात्रा के साथ अश्लीलता की शिकायत सामने आई तो विवि प्रशासन जागा है। कुलपति प्रो. एसबी निमसे ने बताया कि एजुकेशन विभाग की प्रो. अमित बाजपेई को कमेटी का प्रिसाइडिंग ऑफिसर बनाया गया है।
इनके अलावा कमेटी में दो टीचिंग मेम्बर्स के तौर पर इंग्लिश विभाग की डॉ. निशात हैदर, केमिस्ट्री विभाग के प्रो. नवीन खरे, नॉन टीचिंग मेंबर्स में डिप्टी रजिस्ट्रार भावना मिश्रा, कार्यालय अधीक्षक बीडी दुबे और महिलाओं के लिए कार्यरत एनजीओ की सदस्य में लक्ष्मी संगठन की राजलक्ष्मी कक्कड़ को रखा गया है।