लखनऊ के केजीएमयू में कोरोना की मुफ्त जांच बंद हो गई है। अब मरीजों और तीमारदारों से इसका शुल्क वसूला जाएगा। ट्रूनेट टेस्ट के लिए 1500 और आरटीपीसीआर के 600 रुपये जमा करने होंगे। सोमवार से कार्ययोजना लागू करने की उम्मीद है। हालांकि, इमरजेंसी में आने वाले मरीजों, तीमारदारों की जांच निशुल्क होगी।
केजीएमयू में आने वाले मरीजों को कोरोना की जांच रिपोर्ट दिखाने के बाद ही संबंधित विभाग की ओपीडी में जाने की अनुमति मिलती है। नई गाइडलाइन के तहत शुल्क जमा करने के बाद ही अब नॉन कोविड मरीजों की जांच होगी।
ट्रूनेट टेस्ट के लिए 1500 व आरटीपीसीआर के 600 रुपये जमा करने होंगे। मरीज के साथ तीमारदार है तो उसे भी शुल्क जमा करना होगा। एक तीमारदार पर 300 रुपये लिए जाएंगे।
दूसरा तीमारदार आता है तो उसे 600 रुपये जमा करने होंगे। इसी तरह थैलेसीमिया, कैंसर, डायलिसिस आदि के मरीजों को 600 रुपये और उनके एक तीमारदार को 300 जमा कर कोरोना की जांच करानी होगी।
मरीजों की बढ़ेगी सांसत
केजीएमयू में मेडिसिन, आर्थो, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, यूरोलॉजी, सर्जरी, रेस्पिरेटरी सहित विभिन्न विभागों में रोजाना करीब ढाई हजार मरीज पहुंच रहे हैं। अब इन सभी मरीजों और उनके तीमारदारों को कोरोना जांच का शुल्क जमा करना होगा।
इमरजेंसी में आने वालों को राहत
इमरजेंसी में आने वाले मरीजों और उनके एक तीमारदार से कोरोना जांच का शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसी तरह फीवर क्लीनिक में आने वाले मरीजों को डॉक्टर कोरोना की जांच कराने की सलाह देते हैं तो उनसे भी शुल्क नहीं लिया जाएगा। महिला रोग विभाग के मरीज, कैंसर ओपीडी में सिंकाई के लिए आने वालों, केजीएमयू के संकाय सदस्य और कर्मचारियों व उनके परिवारीजन से भी शुल्क नहीं लिया जाएगा।
इनसे लिए जाएंगे जांच के 300 रुपये
सप्ताह भर में दोबारा जांच कराने वाले डायलिसिस एवं कैंसर के मरीज और उनके एक तीमारदार की जांच 300 रुपये में होगी।