- नगर निगम दफ्तर से फोन आने पर हुई फर्जीवाड़े की जानकारी
- डीसीपी सेंट्रल के आदेश पर महानगर पुलिस ने तीन पर दर्ज किया केस
संवाद न्यूज एजेंसी
लखनऊ। नई दिल्ली के चितरंजन पार्क निवासी 61 वर्षीय सजल मित्रा ने तीन लोगों पर उनकी और बीएचयू से रिटायर्ड प्रोफेसर व स्व. बहन डॉ. रंजना की संपत्ति हड़पने का प्रयास करने का आरोप लगाया है। बृहस्पतिवार को डीसीपी सेंट्रल डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव के आदेश पर महानगर पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और संपत्ति हड़पने की धारा में एफआईआर दर्ज की है।
सजल के मुताबिक महानगर के निशातगंज में उनके पैतृक घर व कई प्लॉट हैं। बहन अविवाहित थी, जिनकी 22 मार्च 2013 में मृत्यु हो गई थी। उनकी भी महानगर में संपत्ति है। ऐसे में बहन की संपत्ति के वारिस भी वह खुद हैं। सजल ने बताया कि बीते 16 जून को लखनऊ नगर निगम कार्यालय से उनके पास कॉल आई थी। कर्मचारी ने बताया कि महानगर स्थित उनके व बहन के मकान, जो अभिलेखों में दर्ज हैं। उनमें नामांतरण के लिए नोएडा सेक्टर 50 कैलाश धाम निवासी उषा भट्टाचार्य, दिल्ली के गणेश नगर के प्रवीण कुमार और पंकज ने पत्र दाखिल किया। यह सुन सजल सन्न रह गए। इसके अगले दिन 17 जून को जब वह नगर निगम कार्यालय पहुंचे तो पता चला कि जो नामांत्रण पत्र आरोपियों ने दाखिल किया है। उसमें उनके फर्जी हस्ताक्षर थे। इतना ही नहीं दस्तावेज भी जाली थे।
गैंग बनाकर ठगी करने का आरोप
सजल का आरोप है कि जब उन्होंने आरोपियों से संपर्क कर विरोध जताया तो वे हत्या करने की धमकी देने लगे। आरोप है कि तीनों जालसाज ऐसे बुजुर्गों को चुनते है, जिनकी कोरोना काल के दौरान मृत्यु हो गई हो। फिर उनके नाम के फर्जी कागजात तैयार कर उनकी संपत्ति हड़प लेते हैं। इंस्पेक्टर अखिलेश कुमार मिश्रा के मुताबिक मामले की विवेचना दरोगा गजेंद्र सिंह कर रहे हैं। पीड़ित को बयान के लिए बुलाया जाएगा। बयान और साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।