राजधानी में जालसाजों ने घर और प्लॉट के नाम पर कारोबारी व पूर्व सैन्यकर्मी से 47.50 लाख ऐंठ लिए। अब न जमीन दे रहे, न पैसे वापस कर रहे हैं। मामले में केस दर्ज करके पुलिस जांच में जुटी है।
राजधानी लखनऊ में जालसाज दंपती और रियल एस्टेट फर्म के मालिक ने कारोबारी व पूर्व सैन्यकर्मी से मकान और जमीन के नाम पर 47.50 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ितों ने महानगर और गोमतीनगर थाने में आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
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मूल रूप से बहराइच के रिसिया बाजार निवासी कारोबारी अंकित अग्रवाल के मुताबिक, 2023 में उन्हें लखनऊ में मकान खरीदना था। इस सिलसिले में उनकी मुलाकात महानगर सेक्टर-सी निवासी जसजीत सिंह व नम्रता टंडन से हुई। दंपती ने उन्हें मकान 1.92 करोड़ में बेचने की बात कही।
पीड़ित ने दो दिसंबर 2023 से 28 अगस्त 2025 के बीच दंपती को 41 लाख रुपये दे दिए। इसके बावजूद आरोपियों ने रजिस्ट्री नहीं की। पीड़ित के छानबीन करने पर पता चला कि जसजीत ने अपने मकान पर बैंक से लोन ले रखा। अंकित ने जब विरोध जताया तो आरोपी दंपती ने उन्हें धमकाना शुरू कर दिया। पीड़ित ने डीसीपी सेंट्रल से शिकायत की। इंस्पेक्टर महानगर अखिलेश मिश्र ने बताया कि मामले की विवेचना की जा रही है।
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उधर,जानकीपुरम सेक्टर-एच निवासी पूर्व सैन्यकर्मी गणेश चंद्र गुप्ता ने 2014 में गोमतीनगर के वास्तु खंड स्थित रियल एस्टेट फर्म आर्चिड वैली वसुंधरा लोटस प्रा. लि. में प्लॉट बुक कराया था। 30 जुलाई 2014 तक पीड़ित ने किस्तों में 6.50 लाख रुपये भी जमा किए थे। मगर, उनके नाम रजिस्ट्री नहीं हुई। जब उन्होंने पता लगाया तो सामने आया कि जो जमीन उन्हें बेची गई वह किसी और की है।
इसके बाद रकम मांगने पर फर्म के निदेशक सुधीर सिंह और एजेंट अर्जुन गुप्ता उन्हें सितंबर 2025 तक टरकाते रहे। विरोध पर आरोपियों ने धमकाना शुरू कर दिया। परेशान होकर पीड़ित ने गोमतीनगर थाने में दोनों के खिलाफ शिकायत की। इंस्पेक्टर ब्रजेश चंद्र तिवारी ने बताया कि पीड़ित को बयान के लिए बुलाया गया। विवेचना चल रही है।