लखनऊ। साइबर जालसाजों ने संयुक्त निदेशक अभियोजन की बेटी सहित पांच लोगों के खाते में सेंध लगाकर 2.94 लाख रुपये की चपत लगा दी। पीड़ितों ने केस दर्ज कराया है।
गुडंबा के सीमांत नगर में रहने वाली अवि मिश्रा के पिता धीरेंद्र कुमार मिश्र रायबरेली में संयुक्त निदेशक अभियोजन पद पर तैनात हैं। बीते मंगलवार की अवि को इंस्टाग्राम पर अमेजन इंडिया मिशन के नाम से एक लिंक आया, जिसमें टास्क पूरा करने पर कुछ रुपये मिले। इसके बाद जालसाज ने अवि से कई बार में 38,200 रुपये ऐंठ लिए।
तेलीबाग की कुबेर बगिया निवासी श्वेता राही ने पीजीआई थाने में तहरीर देकर बताया कि बीते बुधवार को जालसाजों ने उनके डेबिट कार्ड का क्लोन बनाकर खाते से चार बार में एक लाख रुपये उड़ा दिए। बिहार के मूल निवासी कमलेश कुमार एसजीपीजीआई के ब्वॉयज हॉस्टल में रहकर नर्सिंग की पढ़ाई कर रहे हैं। कुछ दिनों पहले एक व्यक्ति ने कमलेश को फोन किया और खुद को बैंक के क्रेडिट कार्ड डिपार्टमेंट का कर्मचारी बताकर एक एप डाउनलोड कराया। फिर खाते से एक लाख रुपये निकाल लिए।
गोमतीनगर के विनय खंड -1 निवासी दिनेश कुमार पांडेय का बचत खाता एचडीएफसी और एसबीआई में है। 21 अक्तूबर को साइबर जालसाज ने उनके खाते से 8,500 रुपये निकाल लिए। हसनगंज के डालीगंज बरौलिया निवासी अधिवक्ता पवन सिंह के पास कुछ वक्त पहले सोलर पैनल लगवाने के लिए एक कॉल आई थी। फोन करने वाले ने सोलर पैनल लगवाने पर सब्सिडी मिलने की बात कहते हुए कई बार में 47,595 रुपये ऐंठ लिए। उक्त मामलों में पीड़ितों ने संबंधित थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।