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लखनऊ: ग्रीन गैस के नाम पर बिछा रहे ठगी का जाल, एक महीने में कई लोग बने शिकार; ठगों ने पांच करोड़ रुपये ऐंठे

Wed, 23 Sep 2026 09:16 AM IST
Bhupendra Singh अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

लखनऊ में ग्रीन गैस के नाम पर ठग  ठगी का जाल बिछा रहे हैं। एक महीने में कई लोग इनका शिकार बनें। ठगों ने इनसे करीब पांच करोड़ रुपये ऐंठ लिए। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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ठगी। (सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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राजधानी लखनऊ में साइबर ठग अब ग्रीन गैस कंपनी के नाम पर चपत लगा रहे हैं। पिछले एक माह में कई लोगों से करीब पांच करोड़ रुपये की ठगी की जा चुकी है। लगातार बढ़ रहे ऐसे मामलों को देखते हुए एडीसीपी क्राइम ने लोगों से सतर्क रहने और परिवार, दोस्तों, पड़ोसियों और आरडब्ल्यूए के सदस्यों को भी जागरूक करने की अपील की है।

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एडीसीपी क्राइम किरण यादव के मुताबिक साइबर ठग एसएमएस, कॉल और व्हाट्सएप के जरिये खुद को ग्रीन गैस कंपनी का प्रतिनिधि बताते हैं। फिर मीटर या बिल अपडेट न होने का झांसा देकर रकम ऐंठते हैं। आरोपियों के पास पहले से उपभोक्ताओं की जानकारी होने से ठगी का खतरा बढ़ रहा है। एडीसीपी ने अपील की है कि कोई संदिग्ध लिंक भेजे तो पहले खुद कंपनी के अधिकृत माध्यमों से इसकी पुष्टि कर लें।

कंपनी से संपर्क के अधिकृत माध्य

ग्रीन गैस कस्टमर केयर नंबर : 6390905003

सीजीएल इंगेज एप

  • ईमेल customercare.lko@gglonline.net
  • आधिकारिक एसएमएस हेडर GGLPNG-S

 

ठगी होने पर ये कदम उठाएं

  • क्राइम ब्रांच ऑर्गेनाइज्ड क्राइम हेल्पलाइन 7839861034 पर जानकारी दें।
  • संदिग्ध एपीके या लिंक को आगे न भेजें।

 

आरडब्ल्यूए के सहयोग से किया जाएगा जागरूक

एडीसीपी ने बताया कि ग्रीन गैस कंपनी के समन्वय से व्यापक जागरुकता अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर आरडब्ल्यूए के सहयोग से मेसेज, लाउडस्पीकर, पोस्टर और बैनर के जरिये लोगों को सचेत किया जाएगा।

इन बातों का रखें ध्यान

एडीसीपी ने चेताया कि ठगी की रकम को क्रेडिट कार्ड, बिजली या इंटरनेट बिल जमा करने के बहाने खपाने के मामलों में कमीशन का लालच दिया जा रहा है। ऐसे प्रस्ताव स्वीकार न करें। साइबर अपराध की रकम के इस्तेमाल या उसमें सहयोग की पुष्टि होने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

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