- साइबर क्राइम सेल व मदेयगंज पुलिस की संयुक्त टीम ने पकड़ा
- अलग-अलग राज्यों के 18 लोगों ने कर रखी थी शिकायत
- मोबाइल, लैपटॉप, पेनड्राइव, फर्जी आधार कार्ड व सिम बरामद
- अलीगंज में किराए का मकान लेकर रह रहा था जालसाज
संवाद न्यूज एजेंसी
लखनऊ। फर्जी वेबसाइट बनाकर नौकरी के नाम पर बेरोजगारों को ठगने वाले जालसाज को साइबर क्राइम सेल और मदेयगंज पुलिस की संयुक्त टीम ने बृहस्पतिवार को अलीगंज इलाके से गिरफ्तार किया। पकड़ा गया आरोपी वेद प्रकाश सिंह मूल रूप से अंबेडकरनगर का रहने वाला है। आरोपी के पास से पांच मोबाइल, लैपटॉप, दो पेन ड्राइव, दो फर्जी आधार कार्ड और छह फर्जी सिमकार्ड बरामद किए हैं। आरोपी नौकरी डॉटकाम का कर्मचारी बनकर ठगी करता था। आरोपी ने यूपी के अलावा भी अन्य राज्यों के लोगों को भी शिकार बनाया था।
डीसीपी मध्य अपर्णा रजत कौशिक के अनुसार, मदेयगंज थाने में आशीष नाम के युवक ने धोखाधड़ी और जालसाजी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़ित को एक अनजान नंबर से कॉल की गई थी। फोन करने वाले खुद को नौकरी डॉटकॉम का कर्मचारी बताकर ऑफर देते हुए फर्जी वेबसाइट employmentnaukri.com के जरिये एक फार्म भर कर 25 रुपये का भुगतान करने की बात कही थी। पीड़ित ने जैसे ही डिटेल भरी उसके क्रेडिट कार्ड से 16524 कट गए थे। सर्विलांस और बैंक डिटेल खंगालते हुए साइबर क्राइम सेल ने बृहस्पतिवार को वेद प्रकाश सिंह को गिरफ्तार किया। वह यहां किराये पर रह रहा था। आरोपी अलग-अलग वेबसाइट से बेरोजगारों की डिटेल हासिल कर कॉल करता था और जाल में फंसाता था।
इस तरह करता था लोगों से ठगी
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि कई वर्षों से ठगी कर रहा है। इसके लिए फर्जी वेबसाइट employmentnaukri.com बनवाई थी। साथ ही फर्जी नाम व पते पर लिए कुछ सिमकार्ड से बेरोजगारों को कॉल करता था। इसके बाद फर्जी वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन के नाम पर पैसे जमा करवाता था। ऑनलाइन पेमेंट के लिए एक फार्म भरवाता था। इसमें डेबिट-क्रेडिट कार्ड व पीड़ित के खाते की समस्त जानकारी एवं ओटीपी वेबसाइट के एडमिन पेज पर आ जाती थी। इसके बाद बैंकिंग डिटेल का प्रयोग Croma जैसी कंपनियों से गलत अधूरे नाम पते पर ऑनलाइन मोबाइल फोन ऑर्डर कर देता था। इसका पैसा फर्जी वेबसाइट पर फार्म भरने वाले व्यक्ति के खाते या क्रेडिट कार्ड से ही कट जाता है। फर्जी आधार दिखाकर मोबाइल हासिल कर लेता था। आरोपी के पास से बरामद मोबाइल नंबरों को नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर खोजा गया। इसमें पता चला कि उसने कई राज्यों के 17 लोगों से ठगी की थी। सभी ने पोर्टल पर शिकायत दर्ज करा रखी थी।