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Lucknow News: चिकित्सा विभाग के रिटायर्ड अपर निदेशक से ठगी करने वाला गिरफ्तार

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पुलिस की पकड़ में आया ठग। (फोटो ः प्रतीकात्मक) - फोटो : ??? ?????
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चिकित्सा विभाग से रिटायर्ड अपर निदेशक से 8.50 लाख की ठगी के मामले में वांछित को गाजीपुर पुलिस ने शुक्रवार को वेव मॉल के पास से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान देहरादून के डोईवाला निवासी प्रदीप कुमार के रूप में हुई।
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इंस्पेक्टर सुनील सिंह के मुताबिक, 27 फरवरी 2020 को इंदिरानगर निवासी डॉ. चंद्रभानू गुप्त ने केस दर्ज कराया था।
आरोपियों ने बीमा पॉलिसी पर लाभ दिलाने का झांसा देते हुए डॉ. चंद्रभानू और सुनीता से 8.50 लाख रुपये ऐंठे थे।
प्रदीप के साथ गिरोह में दीपक खन्ना, संतोष कुमार, एस कुमार, राजीव अग्रवाल, आशी और समीर चौरसिया को पहले जेल भेजा जा चुका है।
इंस्पेक्टर के मुताबिक प्रदीप का नाम विवेचना के दौरान सामने आया। पूछताछ में प्रदीप ने बताया कि वह काफी वक्त से नेपाल के नेपालगंज जिले में रह कर चाय का ठेला लगा रहा था।
नौकरी के नाम पर 10 लाख ठगे, एक गिरफ्तार
विदेश में नौकरी के नाम पर 12 लोगों से दस लाख रुपये ठगने वाले आरोपी अहमद को गुडंबा पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने अपने साथियों की मदद से बेरोजगारों को मलेशिया भेजने का लालच देकर बैंकॉक का टूरिस्ट वीजा थमा दिया था। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। बाराबंकी के फतेहपुर निवासी मो. कलीम कुरैशी विदेश में नौकरी के लिए जाना चाहते थे। इस सिलसिले में मो. अहमद और मो. मुजीब से मुलाकात हुई। दोनों ने मलेशिया में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। कलीम के अलावा 11 और युवकों के पासपोर्ट अहमद व मुजीब ने वीजा लगवाने के नाम पर ले लिए। साथ ही दस लाख रुपये फ्लाइट टिकट और वीजा फीस के नाम पर लिए। कलीम और उनके साथियों को बताया गया कि अमौसी एयरपोर्ट पहुंचे, जहां से सभी को टूरिस्ट वीजा थमा कर बैंकॉक भेज दिया गया, जहां जालसाजी का पता चला। किसी तरह पीड़ित लौटे और गुडंबा कोतवाली में पैकरामऊ के अहमद और मुजीब पर केस दर्ज कराया है। प्रभारी निरीक्षक गुडंबा आलोक राय के मुताबिक, अहमद को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य की तलाश की जा रही है।
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