फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कंपनी के संचालक को फर्जी वर्क ऑर्डर देकर 1.37 करोड़ ठगे, केस दर्ज

Sat, 26 Sep 2020 05:19 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : demo pic
विज्ञापन

लखनऊ के आशियाना थाना में शक्ति बिल्डवेल कंपनी के संचालक प्रवीण प्रताप सिंह को बिजली के खंभों की सप्लाई का फर्जी वर्क ऑर्डर देकर शातिरों ने 1.37 करोड़ रुपये ठग लिए। प्रवीण ने एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस ने बताया कि उन्नाव के आवास विकास कॉलोनी निवासी प्रवीण यहां शारदा नगर रुचिखंड में रहते हैं।

विज्ञापन


वह उन्नाव की कंपनी शक्ति बिल्डवेल के पार्टनर हैं। 12 सितंबर 2019 को पीजीआई की वृंदावन योजना में रहने वाला नरेंद्र कुमार गुप्ता, उन्नाव के सिविल लाइंस निवासी अभिषेक सिंह, राजाजीपुरम ई ब्लॉक का रितेश कुमार श्रीवास्तव और बस्ती के डुबौलिया महरीपुर व यहां गोमतीनगर विस्तार के वनस्थली अपार्टमेंट में रहने वाला गौरव सिंह उनके घर आए।
 
रितेश का कहना था कि वह दुबग्गा रोड काकराबाद स्थित मेसर्स सद्भाव इंजीनियरिंग लिमिटेड कंपनी से जुड़ा है और गौरव के साथ मिलकर बिजली के खंभों की आपूर्ति का काम कर रहा है। उसने कहा कि मुंबई की जे कुमार इन्फ्रा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड कंपनी वहां मेट्रो स्टेशन की फर्निशिंग व यूटिलिटी और इलेक्ट्रिकल सप्लाई का काम देख रही है। अगर वह चाहें तो उक्त कंपनी से संपर्क करके बड़ा काम लिया जा सकता है। 
विज्ञापन


बातचीत में प्रवीण काम लेने के लिए तैयार हो गए। तय हुआ कि मुंबई का सारा काम गौरव देखेगा। उन्होंने 23 सितंबर को गौरव को 40 लाख रुपये के डिमांड ड्राफ्ट भी दे दिए। गौरव ने मुंबई जाकर सिविल का काम शुरू करा दिया। कुछ दिन बाद उसने संपर्क कर कहा कि इलेक्ट्रिक के काम के लिए उसके परिचित व ग्लोबल एनर्जीज फर्म के मालिक वाईपी सिंह के जरिये दो जेनरेटर की सप्लाई का ऑर्डर मिला है। वाईपी सिंह वाराणसी के शिवपुर खुशहालनगर के हैं और यहां गोमतीनगर के विनम्रखंड में रह रहे हैं।


 

विज्ञापन

वाईपी सिंह ने 25 लाख रुपया लिया एडवांस

गौरव का कहना था कि वाईपी सिंह ही सद्भाव इंजीनियरिंग लिमिटेड में खंभों की सप्लाई कर रहे हैं। ऑर्डर के लिए प्रवीण तैयार हो गए। गौरव अपने साथ रितेश और वाईपी सिंह को लेकर उनके घर आ गया। वहां वाईपी सिंह ने कहा कि दो जेनरेटर की कीमत 13738700 रुपये है और वह मुंबई में उनकी आपूर्ति कर देंगे। इसके लिए वाईपी सिंह ने 25 लाख रुपया एडवांस लिया।

बकौल प्रवीण, 18 नवंबर को गौरव ने दोनों जेनरेटर मुंबई पहुंचने और बकाया रकम देने के लिए कहा। इस पर प्रवीण ने 22 नवंबर को चेक से 45 लाख रुपये, छह जनवरी 2020 को चेक से 30 लाख व सात जनवरी को 3738700 रुपये ग्लोबल कंपनी के एचडीएफसी उन्नाव दही चौकी स्थित अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए।

प्रवीण का कहना है कि इसी बीच रितेश उनके घर आया और खंभे सप्लाई का वर्क ऑर्डर फर्जी होने की जानकारी दी। उसका कहना था कि गौरव ने वाईपी सिंह के जरिये उनका रुपया हड़प लिया है। उन्होंने गौरव से बात की तो उसने जेनरेटर सप्लाई का ऑर्डर सही बताया।

प्रवीण ने पूरे काम की छानबीन के लिए रितेश को गौरव के साथ मुंबई भेजा। रितेश का कहना है कि वहां गौरव उसे धोखा देकर भाग गया। रितेश जे कुमार कंपनी के ऑफिस गया तो पता चला कि वहां शक्ति बिल्डवेल कंपनी से किसी तरह का काम नहीं कराया जा रहा है। इसके बाद प्रवीण ने एफआईआर दर्ज कराई।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें