वर्ष 2016 में उसने रीता देवी को आंगनबाड़ी में सुपरवाइजर के पद पर नौकरी दिलाने का झांसा दिया। इसके लिए उसने तीन लाख रुपये खर्च की बात कही। रीता ने जमीन बेचकर रुपया दे दिया। तीन साल बाद भी नौकरी नहीं मिली तो रीता ने अपना रुपया वापस मांगा। पीड़िता का कहना है कि प्रदीप उसे टरकाता रहा।