खाड़ी देशों (तुर्की, दुबई व कुवैत) में नौकरी दिलाने का झांसा देकर हजारों बेरोजगार युवकों से करोड़ों रुपये की ठगी की गई। ठगी करने केबाद कंपनी के निदेशक ने कार्यालय पर ताला बंद कर फरार हो गया। बेरोजगारों को ठगी का अहसास उस वक्त हुआ जब वह दिल्ली व मुंबई एयरपोर्ट पर फ्लाईट पकड़ने गये। वहां पता चला कि जो टिकट दिया गया है वह फर्जी है। वापस विभूतिखंड पहुंचे तो ताला बंद मिला। पीड़ित थाने पहुंचे। पुलिस ने तहरीर लेकर जांच करने की बात कही। इस पर नाराज होकर हंगामा करने लगे। अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
विभूतिखंड थानाक्षेत्र में विराजखंड में विजय श्री क्रिसेंट स्थित कनेक्ट एशिया ट्रैवेल सर्विसेज है। थाने पर पहुंचे बेरोजगारों का आरोप है कि इस कंपनी से उनके पास कॉल गई। महिला ने कहा कि अक्तूबर महीने में कॉल आने के बाद ऑन लाइन बायोडाटा मांगा गया था। कुशीनगर के शेखवानिया खान टोला निवासी आदिल खान, बिहार गोपालगंज के मो. शमशुद्दीन ने बताया कि कंपनी ने तुर्की, कुवैत और सउदी में नौकरी दिलाने की बात कही। कंपनी के लोगों ने कहा कि वह इन देशों से सीधे संपर्क में हैं। उनकी शाखाएं हैं। कंपनी ने रजिस्ट्रेशन के नाम पर पांच-पांच हजार रुपये जमा कराये।
मोबाइल पर ही लिया था इंटरव्यू
पीड़ितों का आरोप है कि कंपनी ने दिसंबर महीने में उनका मोबाइल पर ही इंटरव्यू लिया था। इसके बाद चिकित्सकीय परीक्षण केनाम पर 5-5 हजार रूपये मांगे गये थे। दिसंबर अंत में सभी को ऑफिस बुलाकर पासपोर्ट और वीजा के नाम पर लोगों से 45 से 65 हजार रुपये तक लिए। रुपये लेने के दो दिन बाद कंपनी ने फिर कॉल किया कि आप सबका मल्टीनेशनल कंपनी में चयन हो गया है। किसी को 8 फरवरी, किसी को 16 फरवरी, तो किसी तो 28 फरवरी तारीख दी थी। पहली खेप के करीब 400-500 लोग को 8 फरवरी तिथि दी। उस दिन बुलाकर सभी को विदेश जाने के लिए पासपोर्ट, वीजा देने के साथ ही एयर टिकट दिया। सभी को 10 फरवरी को फ्लाइट पकडऩे की तारीख दी गई। किसी को दिल्ली तो किसी को मुंबई से फ्लाइट मिलनी थी।
एयरपोर्ट पहुंचने पर पता चला फर्जी है टिकट
पीड़ितों के मुताबिक एयरपोर्ट पहुंचे तो पता चला कि टिकट फर्जी है। इसके बाद सभी ने कंपनी के नंबर पर फोन किया तो लगा नहीं। सब लोग वापस लखनऊ आए तो कंपनी के कार्यालय में ताला लगा था। पीड़ित विभूतिखंड थाने पहुंचकर कंपनी के निदेशक समेत अन्य कर्मचारियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हंगामा किया। बवाल बढ़ता देखकर पुलिस ने आरोपित कंपनी के निदेशक व अन्य कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जालसाजों की गिरफ्तारी की बात कहकर शांत कराया। प्रभारी निरीक्षक विभूतिखंड चंद्रशेखर सिंह के मुताबिक कंपनी के निदेशक सहित अन्य पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।