26 जुलाई 2018 को नागेंद्र उनके घर आया और नैनीताल बैंक आशियाना के 18 व दो लाख का चेक ले लिया। उसने दो लाख रुपये की एसबीआई लाइफ की रसीद दी। शेष 18 लाख रुपये की रसीद मांगने पर बाद में उसने एसबीआई पीएल नाम की कंपनी की रसीद दी। विजय बहादुर ने पड़ताल की तो पता चला नागेंद्र ने एसबीआई पीएल कंपनी बनाकर उनके 18 लाख रुपये उसमें निवेश कर दिए थे।
एसबीआई पीएल का कार्यालय न्यू आशुतोषनगर कृष्णानगर व राजा राममोहन राय मार्ग पर है। विजय बहादुर ने विरोध किया तो नागेंद्र ने उनके रुपये वापस करने का आश्वासन दिया। उसने उन्हें चेक दिया जो बाउंस हो गया। विजय बहादुर शातिर के घर पहुंचे तो वहां ताला लटका मिला।
छानबीन में पता चला कि शातिर ठगों ने सुजानपुरा आलमबाग के खलील अहमद सिद्दीकी से 20 लाख, राजाजीपुरम के मो. रसूल से 20 लाख व एलडीए कॉलोनी एल्डिको एकता विहार के अलेक्जेंडर मिंज से 20 लाख रुपये निवेश के नाम पर अपनी कंपनी के खाते में जमा करा लिए थे। ठगों ने चारों के 80 लाख रुपये हड़प लिए।