प्राथमिक स्कूलों में लेदर बैग की सप्लाई का 10 करोड़ का ठेका दिलाने के नाम पर जालसाज ने 46 लाख रुपये ऐंठ लिए। जालसाजी का शिकार कारोबारी दो साल तक ठेके व अपनी रकम के लिए भटकता रहा। जब उसकी उम्मीद खत्म हो गई तो उसने मंगलवार को हजरतगंज थाने में जालसाज के खिलाफ केस दर्ज कराया।
कोलकाता के तिलजला साउथ परगना निवासी सरफराज आलम का लेदर इम्पोरियम के नाम से कारखाना है। वहां लेदर बैग व अन्य सामान के निर्माण के साथ ही सप्लाई की जाती है। 2016 जून में बेसिक शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों को लेदर बैग की आपूर्ति का टेंडर निकाला। सरफराज भी इसमें शामिल हुए।
उन्होंने बेसिक शिक्षा निदेशालय के कई चक्कर लगाए। इसी दौरान उनकी मुलाकात राहुल शुक्ला उर्फ राम से हुई। टेंडर दिलाने के लिए उसने हजरतगंज के एक नामी होटल में बैठक की। कई बार की वार्ता के बाद राहुल ने टेंडर दिलाने के लिए अपने राजनीतिक रसूख का हवाला दिया।
इस दौरान कुछ नेताओं और मंत्रियों से बातचीत भी मोबाइल पर कराई। खुद को एनेक्सी में बतौर अनुभाग अधिकारी बताया। ठेका दिलाने के लिए उसने मंत्री और विभागीय अधिकारियों के लिए अलग-अलग कमीशन देने की बात कही। लेकिन तीन से चार बार में अपने लिए करीब 46 लाख कमीशन लेने के बाद आरोपी कारोबारी को टरकाता रहा।