लखनऊ। अमीनाबाद में नकली और संदिग्ध दवाओं की सप्लाई के नेटवर्क का खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने खुलासा किया है। जांच में बिना वास्तविक आपूर्ति के करोड़ों रुपये की दवा खरीद कागजों पर दिखाने, फर्जी बिल तैयार करने और बंद फर्म के नाम पर खरीद-फरोख्त करने का मामला सामने आया। विभाग की तहरीर पर अमीनाबाद थाने में चार आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
चार फर्मों के जरिये खेल
सहायक आयुक्त ब्रजेश सिंह के अनुसार आरोपियों में हेल्थ प्लस के अंकुर अवस्थी, एमके फार्मा के मनीष बाजपेयी, राम फार्मा के गोविंद शुक्ला और सहारनपुर की पेशेंट केयर सर्जिकल हाउस के ऐजाज अहमद शामिल हैं। आरोप है कि क्रॉस बिलिंग और कागजी बैंक लेनदेन के जरिये नकली दवाओं को वैध सप्लाई चेन का हिस्सा दिखाया गया।
8.87 करोड़ की खरीद, 39.20 लाख दवाओं का हिसाब नहीं
जांच में एमके फार्मा ने वर्ष 2026 में 8.87 करोड़ रुपये की दवा खरीद दिखाई। रिकॉर्ड में करीब 39.20 लाख जोरिल एम-1 दवाओं का हिसाब नहीं मिला। जोरिल एम-1, ऑगमेंटिन और डेक्सोरेंज सिरप के फर्जी बिल भी सामने आए। संबंधित निर्माताओं ने ऐसी बिक्री से इन्कार किया और संबंधित बैच नकली पाए गए।
बंद फर्म से भी खरीद दिखाई
पेशेंट केयर सर्जिकल हाउस करीब दो साल से बंद थी, फिर भी उसके नाम पर दवाओं की खरीद दर्ज मिली। विभाग के अनुसार हेल्थ प्लस और राम फार्मा के जरिये भी कथित अवैध कागजी डायवर्जन किया गया।
इंस्पेक्टर अमीनाबाद सुनील कुमार आजाद ने बताया कि चार फर्मों के संचालकों के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।