सरोजनीनगर। सदर निवासी और सिविल डिफेंस मुख्यालय में कार्यरत महेश कुमार का आरोप है कि जमीन खरीद के नाम पर कुछ लोगों ने फर्जीवाड़ा कर उनके नाम से बैंक लोन ले लिया। न्यायालय के आदेश पर बिजनौर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
महेश कुमार का आरोप है कि पीजीआई के पंचम खेड़ा, चरण भट्ठा रोड निवासी मनोज कुमार शर्मा व उसके सहयोगियों ने साजिश के तहत उनके नाम से तीन फर्जी बैनामे कराकर अलग-अलग बैंकों से लोन स्वीकृत करा लिया और पूरी राशि हड़प ली। महेश के मुताबिक वर्ष 2022 में मकान खरीदने के लिए उनकी मुलाकात मनोज कुमार शर्मा से हुई। आरोप है कि लोन दिलाने का झांसा देकर उन्हें उपनिबंधक कार्यालय बिजनौर ले जाया गया, जहां एक के बाद एक तीन बार रजिस्ट्री कराई गई। बाद में पता चला कि जो मकान दिखाया गया, रजिस्ट्री में वह दर्ज ही नहीं है। बल्कि किसी अन्य स्थान की भूमि का विवरण दर्ज कर कूटरचित दस्तावेज तैयार किए गए।
महेश कुमार का कहना है कि इन फर्जी बैनामों के आधार पर बैंक ऑफ महाराष्ट्र, पीएनबी और एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस से लोन स्वीकृत कराया गया। लोन की किस्तें उसके नाम पर होने के कारण उसे चुकानी पड़ीं, जबकि लोन की राशि आरोपियों द्वारा आपस में बांट ली गई। आरोप है कि इस पूरे मामले में बैंक कर्मचारी, लोन एजेंट और विधिक राय देने वाले लोग भी शामिल थे।
पीड़ित का कहना है कि उन्हें न तो मकान का कब्जा मिला और न ही लोन की राशि, जबकि बैंकों की ओर से वसूली का दबाव लगातार बनाया जा रहा है। बिजनौर पुलिस ने उनकी शिकायत पर नहीं ध्यान दिया तब उन्होंने न्यायालय की शरण ली। बिजनौर थाना प्रभारी कपिल गौतम ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।