लखनऊ। एलडीए में भ्रष्टाचार की जड़ें इतनी गहरी हो चुकी हैं कि एक फर्जी जेई और उसके गिरोह ने पीएम आवास और दुकानें दिलाने का झांसा देकर दंपती से 30 लाख रुपये ठग लिए। खास बात यह है कि पूरी रकम पांच साल में प्राधिकरण के परिसर में ही ली गई और किसी को भनक तक नहीं लगी। मामला तब खुला जब शातिर ने फोन उठाना बंद कर दिया और ठगी का शिकार हुई महिला शिकायत लेकर वीसी से मिलने पहुंची।
यहियागंज में मुर्तजा हुसैन रोड के निकट शिवमंदिर निवासी नीलम शुक्ला ने सोमवार सुबह 11:30 बजे एलडीए उपाध्यक्ष डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी को शिकायत पत्र दिया। बताया कि उनके पति तुषार शुक्ला कंस्ट्रक्शन का काम करते हैं। उन्हें खुद को बसंतकुंज विहार योजना का जेई बताकर प्रदीप मिश्रा ने पांच पीएम आवास व तीन दुकानें आवंटित कराने का भरोसा दिलाया। इसके लिए 35 लाख रुपये (प्रति मकान पांच लाख, एक दुकान के तीन लाख) मांगे थे। उनके पति ने वर्ष 2017 से 2022 के बीच 30 लाख रुपये दिए। प्रदीप ने पूरी रकम एलडीए परिसर में ही ली।
आरोप लगाया कि प्रदीप ने खुद को एलडीए का जेई बताकर पहले भी कई लोगों को मकान, भूखंड आवंटित कराए थे। ऐसे में उस पर भरोसा कर उन्होंने व अन्य लोगों ने रकम दे दी। शातिर ने उन्हें अधीक्षण अभियंता आरके सिंह के हस्ताक्षर वाली 14,244 और 49,244 रुपये की दो फर्जी रसीदें भी दीं। इस खेल में अजय वर्मा निवासी लालानगर दुबग्गा एवं जहीरऊददीन निवासी विजयखंड-तीन भी शामिल रहे। जहीरऊददीन अहमद ने नीलम से फर्जी अनुबंध कराया। दूसरा फर्जी अनुबंध अजय वर्मा ने कराया था।
एक अन्य से 75 हजार वसूले
शिकायत में बताया कि गिरोह ने अहीरखेड़ा दुबग्गा की रागनी यादव को भी प्रधानमंत्री आवास का फ्लैट नंबर 102 ब्लॉक दो आवंटित करने का झांसा दिया। फर्जी अनुबंध पत्र देकर 74,937 रुपये वसूल लिए। फ्लैट संत रविदासनगर भदोही के मकनपुर तिवारीपुर निवासी शैलेश हृदय शंकर तिवारी के नाम है।
महिला की शिकायत की करा रहे जांच
एलडीए वीसी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने कहा कि महिला ने जिस जेई का नाम बताया, वह जांच में फर्जी पाया गया है। उन्हें गोमतीनगर थाने में फर्जी जेई एवं 30 लाख रुपये की ठगी की शिकायत दर्ज कराने के लिए कहा गया है। शिकायत पत्र पर जांच के आदेश दे दिए हैं।