लखनऊ। बहुजन निर्बल वर्ग सहकारी गृह निर्माण समिति बनाकर फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। समिति के सचिव महेंद्र प्रसाद तिवारी ने गाजीपुर थाने में सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। महेंद्र के मुताबिक समिति में अनियमितताएं और नियमों का उल्लंघन किया गया है।
आरोप है कि समिति के तत्कालीन अध्यक्ष प्रवीण सिंह बाफिला, तत्कालीन सचिव लखन सिंह बलियानी ने वीरेंद्र कुमार सिंह के ही परिवार के कई सदस्यों को नियमों के विपरित भूखंड आवंटन और विक्रय कर दिया। वीरेंद्र पर कई मुकदमे दर्ज हैं। एक एफआईआर एलडीए के अधिशासी अभियंता ने भी दर्ज कराया था। वीरेंद्र पर सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा और निर्माण करने का आरोप है। सहकारिता नियमों का उल्लंघन कर समिति के पूर्व अध्यक्ष व सचिव की मिलीभगत से एक ही परिवार को अनुचित लाभ पहुंचाया गया है। सभी तरह का फर्जीवाड़ा पूर्व पदाधिकारियों ने कूटरचित कार्यालय लेखराज मार्केट से किया है।
पीड़ित का कहना है कि समिति के पास कभी भी संबंधित भूमि का वैध स्वामित्व नहीं था। भूमि पर अवैधानिक रजिस्ट्री की सूचना मिलते ही प्रशासन ने रोक लगा दी थी। आरोपियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश गैंगस्टर अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की गई है। यही नहीं, एलडीए के सचिव ने नियम विरुद्ध हो रही रजिस्ट्रियों को रोकने का आदेश पारित किया था। महेंद्र की तहरीर पर प्रवीण सिंह बाफिला (पूर्व अध्यक्ष), लखन सिंह बलियानी (पूर्व सचिव), वीरेंद्र कुमार सिंह, उसकी पत्नी कमलेश सिंह, बेटे अभिषेक विक्रम सिंह, भाई नरेंद्र कुमार सिंह और अरविंद सिंह व अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह के मुताबिक मामले की जांच के बाद एफआईआर दर्ज की गई है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।