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सुलभ आवास बनाने वाली गुजराती कंपनी पर जालसाजी का मुकदमा

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अधिशासी अभियंता की तहरीर पर गोमतीनगर विस्तार थाने में दर्ज हुआ केस
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सुलभ आवासा निर्माण करने वाली गुजरात की सिंटेक्स प्रीफैब एंड इंफ्रा लि. कंपनी ने काम अधूरा छोड़ दिया। कई बार पत्र भेजने के बाद भी काम पूरा करने में रुचि नहीं दिखाई। इस पर एलडीए के अधिशासी अभियंता की शिकायत पर गोमतीनगर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एलडीए के अधिशासी अभियंता नरेंद्र्र कुमार ने तहरीर में कहा है कि गोमती नगर विस्तार इलाके में सुलभ आवास का निर्माण करने का ठेका सिंटेक्स प्रीफैब एंड इंफ्रा लि. को दिया गया था। कंपनी ने निर्माण कार्य समय से पूरा हीं कराया। कॉलोनी के फ्लैट के निर्माण को पूरा करने के लिए कई बार प्राधिकरण ने कंपनी को पत्र भी भेजा। इसके बाद भी कार्य नहीं किया गया।
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आवंटियों ने की आपत्ति
कंपनी की लापरवाही व मनमानी के कारण आवंटियों को समय से फ्लैटों पर कब्जा नहीं दिया जा सका। इसके कारण आवंटियों ने असंतोष फैल गया। आवंटियों ने न्यायालयों, उपभोक्ता फोरम और रेरा में कई वाद दाखिल कर दिया, जिससे प्राधिकरण की छवि धूमिल हुई। कंपनी के कारण ही प्राधिकरण और आवंटियों को आर्थिक क्षति भी उठानी पड़ी। प्रभारी निरीक्षक अखिलेश चंद्र पांडेय के मुताबिक अधिशासी अभियंता नरेंद्र कुमार की तहरीर पर जालसाजी, प्राधिकरण की छवि धूमिल करने व सरकारी काम में बाधा का मुकदमा दर्ज किया गया है।
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काली सूची में डाल सभी प्रदेशों को भेजेंगे सूची
मुख्य अभियंता इंदु शेखर सिंह ने कंपनी को काली सूची में डालने की कार्रवाई भी शुरू कर दी है। इसके लिए प्रस्ताव एलडीए वीसी व जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश को भेज दिया गया है। मुख्य अभियंता के मुताबिक वीसी के निर्देश पर कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। एलडीए के लिए कंपनी को गोमतीनगर विस्तार के अलावा दूसरी योजनाओं में सुलभ आवास, गोमतीनगर में पंचशील अपार्टमेंट, देवपुर पारा योजना में समाजवादी आवास बनाने का काम मिला था। सुलभ आवास और पंचशील में काम की गुणवत्ता काफी खराब पाई गई है। वहीं देवपुर पारा का प्रोजेक्ट अधूरा छोड़ दिया गया। इससे एलडीए अपने आवंटियों को उनके आवास पर कब्जा नहीं दे पा रहा है। पंचशील में भी कंपनी काम बंद कर चुकी है। कंपनी को पहले ही एलडीए में काम करने से डिबार किया जा चुका है। अब उसे ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई शुरू की गई है। ब्लैकलिस्ट कर पूरे देश की राज्य सरकारों को इसकी कॉपी भी एलडीए भेजेगा।
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