डीसीपी पूर्वी चारू निगम के मुताबिक, शाइन सिटी के पूर्व निदेशकों द्वारा नई कंपनी खोलकर फर्जीवाड़ा करने की जानकारी हुई है। इस संबंध में किसान यूनियन ने शिकायती पत्र दिया है जिसकी जांच कराई जा रही है। जो दस्तावेज किसान यूनियन ने उपलब्ध कराए हैं।
उनमें नई कंपनी के निदेशकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने की प्रति भी शामिल है। उसकी जांच की जा रही है। इतने मुकदमों के आरोपी गिरफ्तार क्यों नहीं हुए। जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
शाइन सिटी के फरार होेने के बाद तीनों ने कैरियर ग्रुप के नाम से कंपनी बनाई। इसके बाद शाइन सिटी की ही जमीन को अपना बताकर बेचना शुरू कर दिया है। यहां तक कि शाइन सिटी की जमीन पर अपनी कंपनी का बोर्ड भी लगा दिया है। जालसाजों ने जमीन बेचने और लोगों को झांसा देने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना का सहारा लिया।
इसके तहत लोगों को प्लॉट दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी कर रहे हैं। इस कंपनी में सैकड़ों लोगों से 25 करोड़ रुपये की ठगी की है। भारतीय किसान यूनियन भानू गुट के जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र वर्मा का आरोप है कि कंपनी ने फर्जी तरीके से ले-आउट तैयार कर दिखाया जा रहा है।
उनके सारे प्रोजेक्ट रेरा में पंजीकृत नहीं हैं। आम लोगों को धोखा देकर कंपनी पूर्वांचल बिहार नाम के प्रोजेक्ट में 300 बीघे जमीन होने का दावा कर रही है। कंपनी ने 150 बीघे का फर्जी नक्शा भी ग्राहकों को दिखाया है। इसमें कलश इंफ्रासिटी अतरौली मोहनलालगंज की जमीन भी शामिल हैं। किसान नेता ने गोमतीनगर पुलिस पर भी कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है।