लखनऊ। नौ करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में बरसों से फरार चल रहे उम्मीद ट्रेडिंग कंपनी के डायरेक्टर रुखसार अहमद को शुक्रवार देर रात गाजीपुर थाने की पुलिस टीम ने दबोच लिया। उसके ऊपर 20 हजार रुपये का इनाम भी था। पुलिस के मुताबिक, रुखसार उम्मीद ट्रेडिंग कंपनी में निवेश पर 35 से 40 प्रतिशत मुनाफे का झांसा देकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था। उसके खिलाफ गाजीपुर थाने में 22 व इंदिरानगर थाने में एक मुकदमा दर्ज है।
एडीसीपी (उत्तरी) प्राची सिंह ने बताया कि मूल रूप से अंबेडकरनगर के टांडा का निवासी रुखसार अहमद यहां चिनहट के ओमेगा सिटी में रहता था। उसने गाजीपुर थाना क्षेत्र में भूतनाथ मार्केट के शालीमार एलडी प्लाजा में उम्मीद ट्रेडिंग कंपनी खोली थी। इसमें रुखसार की पत्नी फिरदौस व कई साथी भी शामिल थे। वह लोगों को कंपनी में निवेश करने पर 35 से 40 प्रतिशत मुनाफे का झांसा देकर अपने जाल में फंसाता था। इसके साथ ही दावा करता था कि मूलधन मांगने पर एक सप्ताह में पूरी रकम की वापसीकर दी जाएगी। ऐसे में हजारों लोगों ने उसके झांसे में आकर उम्मीद ट्रेडिंग कंपनी में करीब नौ करोड़ रुपये निवेश कर दिए थे।
रुखसार ने कुछ दिनों तक तो लोगों को मुनाफे की रकम भी दी, ताकि लालच में आकर लोग कंपनी में और अधिक निवेश करें। मगर निवेशक बढ़ने पर रुखसार ने मुनाफा देना बंद कर दिया। लोगों के दबाव बनाने पर वह कंपनी बंद करके पत्नी के साथ फरार हो गया था। इस पर 22 निवेशकों ने गाजीपुर थाने में और एक ने इंदिरानगर थाने में रुखसार, उसकी पत्नी फिरदौस व अन्य साथियों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
एडीसीपी (उत्तरी) ने बताया कि फिरदौस को 2017 में ही गिरफ्तार कर लिया गया था। वह अभी जेल में ही निरुद्ध है जबकि रुखसार फरार चल रहा था। गिरफ्तारी न होने पर उसके ऊपर 20 हजार रुपये इनाम घोषित किया गया था। इंस्पेक्टर गाजीपुर प्रशांत कुमार मिश्र ने बताया कि काफी समय से रुखसार की तलाश की जा रही थी। इसमें सर्विलांस टीम की भी मदद ली जा रही थी। मगर वह फोन का ज्यादा इस्तेमाल ही नहीं करता था और बार-बार अपना ठिकाना भी बदल रहा था। इस वजह से पुलिस की गिरफ्त से बच रहा था। इंस्पेक्टर ने बताया कि शुक्रवार देर रात पुलिस टीम ने रुखसार अहमद को गिरफ्तार कर लिया। उसे कोर्ट में पेश करके जेल भेजा गया है। इसके साथ ही गिरोह के अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।