लखनऊ। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम मुख्यालय में शनिवार को आयोजित पेंशन अदालत में चार फरियादी पहुंचे, मगर चारों की फरियाद खारिज कर दी गईं। इनमें से एक महिला ने पति से तलाक के बाद अपने पिता की फैमिली पेंशन मांगी थी।
मुख्य अभियंता रामप्रीत प्रसाद को महिला ने बताया कि उसके पिता कायम रजा रिजवी ने सर्विस बुक में उसे नामिनी बनाया था। ऐसे में गुजारे के लिए उसे पिता की फैमिली पेंशन मिलनी चाहिए, लेकिन पावर कॉर्पोरेशन के नियमों के अनुसार, न्यायालय से तलाक मिलने पर ही पेंशन का प्रावधान है। महिला का तलाक अदालत से न होने के कारण उनकी अर्जी खारिज कर दी गई।
इसी तरह एक मामला ललित कुमार का था, जो 2017 में सेस खंड लखनऊ से सेवानिवृत्त हुए थे और पेंशन मांग रहे थे। चूंकि सेस खंड में पेंशन का प्रावधान नहीं है, इसलिए उनका आवेदन भी खारिज कर दिया गया। इसी तरह दो अन्य मामले भी निपटाए गए।
मुख्य अभियंता की कार्यशैली पर सवाल
पेंशन अदालत के लिए मुख्य अभियंता रामप्रीत प्रसाद देरी से पूर्वाह्न 11:33 बजे पहुंचे। एक फरियादी को सुनने के बाद वे अधीनस्थों से ये कहकर चले गए कि कोई फरियादी आए तो मुझे बुला लेना। हालांकि, जनसंपर्क अधिकारी शालिनी उन्हें दोबारा बुलाकर लाईं, जिसके बाद अदालत की कार्यवाही फिर से शुरू हुई।
पेंशन अदालत में पहुंचे फरियादी।
पेंशन अदालत में पहुंचे फरियादी।