मानदेय दिए जाने की मांग को लेकर विधानभवन घेरने जा रहे वित्तविहीन शिक्षकों और पुलिस के बीच शुक्रवार को दिन भर रस्साकसी का दौर चला। एक सितंबर को बीपीएड डिग्री धारकों के विधानभवन के सामने उग्र प्रदर्शन से सबक लेते हुए पुलिस व पीएसी ने शुक्रवार भोर से ही शहर में नाकाबंदी करके विधानभवन कूच कर रहे शिक्षकों की धरपकड़ की।
विज्ञापन
दोपहर बाद तक चली नाकेबंदी में चार हजार से ज्यादा वित्तविहीन शिक्षकों को चारबाग व अन्य स्थानों से पकड़ा गया। नेताओं को पहले ही हिरासत में लेकर पुलिस लाइन पहुंचा दिया गया था। विधानभवन के सामने प्रदर्शन में नाकाम शिक्षकों ने रमाबाई अंबेडकर मैदान में पुलिस हिरासत में जमकर नारेबाजी की और प्रदेश सरकार को कोसा। डीएम व एसएसपी खुद दोपहर बाद तक मैदान में डटे रहकर हालात का जायजा लेते रहे।
डीएम राजशेखर व एसएसपी राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि शिक्षकों के विधानभवन के सामने प्रदर्शन के ऐलान के मद्देनजर कानून व्यवस्था बनाए रखने के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। दारुलशफा से आगे जीपीओ तिराहा, बापू भवन चौराहा पर नाकाबंदी के साथ बर्लिंग्टन चौराहा, केकेसी तिराहा, चारबाग जंक्शन पर भोर से ही घेराबंदी कर ली गई थी।
विज्ञापन
ओसीआर में माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा व उससे जुड़े संगठनों के कार्यालय पर पुलिस की नजर थी। संगठन के नेताओं को विधानभवन के सामने प्रदर्शन की इजाजत न होने की जानकारी दी गई। उन्हें प्रदर्शन पर अड़ा देखकर हिरासत में लेकर पुलिस लाइन पहुंचाया गया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों की धरपकड़ शुरू की गई।
देर शाम तक नारे बाजी के बाद लौट गए शिक्षक
संगठन के दफ्तर के आसपास नारेबाजी करते नजर आए लोगों को बसों से रमाबाई अंबेडकर मैदान पहुंचाया गया। चारबाग स्टेशन पर प्रदर्शनकारियों की धरपकड़ का सिलसिला भोर से दोपहर बाद तक चलता रहा। ट्रेन से नारेबाजी करते उतरने वाले जत्थों को पुलिस, पीएसी व जीआरपी ने हिरासत में लेकर बस से रमाबाई अंबेडकर मैदान पहुंचाया जाता रहा।
कैसरबाग व चारबाग बस अड्डे से भी प्रदर्शनकारियों की धरपकड़ की गई। अफसरों ने उनकी बात शासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। देर शाम तक नारेबाजी के बाद शिक्षकों के जत्थे लौट गए।
किलेबंदी कर रखी थी पुलिस ने एसएसपी ने बताया कि प्रदर्शन के मद्देनजर 10 एएसपी, 20 सीओ, 24 इंस्पेक्टर एवं एसओ, 100 दरोगा, तीन सौ सिपाही, 25 महिला सब इंस्पेक्टर, 100 महिला कांस्टेबल के साथ छह कंपनी पीएसी लगाई गई थी। इसके अलावा चारबाग जंक्शन, सिटी, ऐशबाग, डालीगंज रेलवे स्टेशन, कैसरबाग व चारबाग बस अड्डा पर सादे कपड़ों में पुलिस व एलआईयू की टीम मुस्तैद थी। विधानभवन के चारों तरफ घेराबंदी के साथ केकेसी तिराहा व चारबाग में सघन नाकाबंदी की गई थी।
नेताओं ने लगाया तानाशाही का आरोप माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा के प्रदेश अध्यक्ष चौधरी रामवीर सिंह यादव ने शासन पर तानाशाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्वक प्रदर्शन के लिए प्रदेश भर के शिक्षक एकत्र हुए थे। उन्हें जबरन बसों में ठूंसकर रमाबाई अंबेडकर मैदान पहुंचा दिया गया।
संगठन के नेताओं को रखा गया नजरबंद
संगठन के अन्य नेताओं अजय सिंह, उमेश द्विवेदी, संजय मिश्रा को मुख्यमंत्री से वार्ता के बहाने हिरासत में लेकर पुलिस लाइन ले जाकर दिन भर नजरबंद रखा गया। संगठन के नेता विजय त्रिपाठी को रायबरेली, बेचालाल को सीतापुर, विनय मिश्रा को ललितपुर सैकड़ों समर्थकों के साथ अवैध तरीके से हिरासत में लिया गया।
उग्र प्रदर्शन से सबक लेकर की थी तैयारी एक सितंबर को बीपीएड डिग्री धारकों के विधानभवन के सामने उग्र प्रदर्शन से कानून व्यवस्था ध्वस्त होने के साथ ही पुलिस अफसरों को चोटें आई थीं। कई वाहन फूंके गए थे। पुलिस ने भी प्रदर्शनकारियों पर जमकर लाठी भांजी थी।
सवाल उठा था कि सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शनकारियों को विधानभवन के सामने क्यों पहुंचने दिया गया? इससे सबक लेकर डीएम व एसएसपी ने वित्तविहीन शिक्षकों के प्रदर्शन को लेकर तैयारी करके अतिरिक्त फोर्स मांगी थी। आसपास के जिलों से सीओ व पुलिसकर्मियों के साथ पीएसी उपलब्ध कराई गई थी।
नारे लगाते रहे पसीने से लथपथ प्रदर्शनकारी ट्रेनों से चारबाग जंक्शन पहुंचे पसीने से लथपथ प्रदर्शनकारियों को पकड़कर रमाबाई अंबेडकर मैदान भेजा जाता रहा। वहां उमस भरी गर्मी में उनकी नारेबाजी जारी रही।
पेड़ों के नीचे झुंड लगाकर नारे लगा रहे प्रदर्शनकारियों में कुछ लोगों ने पेड़ पर चढ़कर हंगामा किया। सब बेनतीजा नजर आने पर भीड़ खिसकनी शुरू हुई। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने उनकी गिरफ्तारी की कार्रवाई से इन्कार कर दिया। बसों से लाए गए वित्तविहीन शिक्षकों ने चारबाग जा रहे ऑटो-टेम्पो पकड़ने शुरू किए।
चारबाग रेलवे स्टेशन पर उतरकर शिक्षकों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पहले आठ-दस के झुंड में निकलने शुरू हुए। कुछ टेम्पो, ऑटो में बस सवार होकर निकले। मगर चारबाग स्टेशन के बाहर पुलिस का पहरा लगा था। पुलिस ने सुबह करीब 9 बजे से लेकर एक बजे तक एक-एक टेम्पो रुकवाकर शिक्षकों को पकड़ा। इस दौरान शिक्षकों व पुलिसकर्मियों के बीच तीखी झड़प भी हुई।
नेताओं से अलग रखे गए शिक्षक पुलिस ने सुबह करीब 11 बजे ही शिक्षक नेता प्रदेश महासचिव अजय सिंह समेत कई बड़े नेताओं को चारबाग में हिरासत में ले लिया। इसका शिक्षकों ने विरोध किया। इस दौरान पुलिस व शिक्षकों के बीच काफी देर तक सड़क पर धक्का-मुक्की होती रही।
बवाल की आशंका को भांपकर पुलिस अफसरों ने शिक्षक नेताओं को मुख्यमंत्री से मिलाने का झांसा देकर उन्हें बस में बिठाकर पुलिस लाइन पहुंचा दिया। बाकी शिक्षकों को हिरासत में लेकर उन्हें रमाबाई पार्क भेजा गया।
पानी तक को तरस गए शिक्षक प्रदर्शन में शामिल होने आए शिक्षक रमाबाई पार्क में पानी को तरस गए। गर्मी व उमस से शिक्षक बेहाल हो गए। कई महिला शिक्षकों को बेहोशी आने लगी। पानी की व्यवस्था नहीं होने से नाराज शिक्षकों ने हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस अफसरों ने इसकी जानकारी प्रशासन के अधिकारियों को दी। करीब तीन घंटे बाद दो बजे वहां टैंकर भेजे गए। लेकिन पानी साफ नहीं होने पर कई शिक्षकों ने नाराजगी जाहिर की।