लखनऊ। ठेकेदार की मनमानी और 33 केवी इंजीनियरों की लापरवाही से शनिवार शाम करीब चार हजार घरों और दुकानों में अंधेरा छा गया। पसीने से तरबतर लोगों ने उपकेंद्र पर पहुंचकर हंगामा भी किया।
आईआईएम रोड पर रामचंद मिशन उपकेंद्र से जुड़े इलाकों में शाम पांच बजे यह संकट उस समय उत्पन्न हुआ, जब ठेकेदार ने जूनियर इंजीनियर के मना करने पर भी जेसीबी से खोदाई करवा दी। इससे घैला व चक्करपुरवा फीडर के 11 हजार करंट के दो भूमिगत केबल कट गए। इसके बाद चक्करपुरवा की बिजली वैकल्पिक स्रोत से शाम सात बजे चालू की गई, लेकिन घैला में देर रात तक अंधेरा पसरा रहा। इससे पानी का भी संकट रहा।
जूनियर इंजीनियर ने बताया कि ठेकेदार 33 केवी लाइन के लिए केबल बिछाने का काम करवा रहा था। उससे कहा भी गया कि उपकेंद्र के सामने जेसीबी के बजाय मजदूरों से खोदाई कराएं, जिससे नीचे बिछे केबल न कटें, लेकिन उसने एक नहीं सुनी। जेसीबी से खोदाई शुरू कराते ही दो केबल कट गए।
एबीसी, ट्रांसफार्मर बॉक्स में आग से आपूर्ति ठप
गुडंबा। जीपीआरए उपकेंद्र से जुड़े दो इलाकों में बिजली उपकरणों में आग लगने से आपूर्ति बाधित रही। गायत्रीपुरम फीडर के तहत चार नंबर चौराहे के पास शुक्रवार रात गली में एबीसी (एरियल बंच केबल) में आग लग गई। इससे क्षेत्र की बिजली तत्काल बंद करनी पड़ी। करीब एक घंटे बाद आपूर्ति बहाल हो सकी। इस दौरान करीब 30 घरों में बिजली गुल रही। शनिवार शाम 4:30 बजे मिश्रपुर फीडर में ट्रांसफार्मर के पास लगे विद्युत बॉक्स में आग लगने से फीडर की आपूर्ति बंद कर दी गई। करीब 45 मिनट तक आपूर्ति बाधित रही। इससे मिश्रपुर, चमन इन्क्लेव और स्कॉर्पियो क्लब क्षेत्र के उपभोक्ता प्रभावित रहे।