अवैध संबंधों में वारदात को अंजाम दिया गया
पुलिस ने शुरुआत में अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया था, लेकिन विवेचना के बाद मृतका की मां शारदा देवी और एक अन्य व्यक्ति रामइंदर को आरोपी बनाते हुए चार्जशीट दाखिल कर दी। पुलिस का तर्क था कि दोनों के बीच अवैध संबंधों के कारण इस वारदात को अंजाम दिया गया। हालांकि, कोर्ट में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने रामबल चौहान, विक्रम चौहान, उमाशंकर और राजकुमार चौहान को आरोपी बनाने की अपील की। मृतका की दादी और अन्य गवाहों ने गवाही दी कि इन चारों ने ही प्रतिमा को घर से उठाकर ले जाकर उसकी हत्या की थी।
न्यायालय ने पाया कि पुलिस ने विवेचना में लापरवाही बरती और मृतका की मां शारदा देवी व रामइंदर को गलत तरीके से फंसाया गया था। कोर्ट ने इन दोनों को बाइज्जत बरी कर दिया। वहीं, रामबल, विक्रम, उमाशंकर और राजकुमार चौहान को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। प्रत्येक पर 15-15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।