लखनऊ। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की लापरवाही का खामियाजा मरीज भुगत रहे हैं। सीएमओ ऑफिस के जरिये नौ माह पहले अल्ट्रासाउंड मशीन दिलवाने के लिए महानिदेशालय को पत्र भेजा गया था। कई रिमाइंडर भी भेजे गए, मगर अफसरों की सेहत पर फर्क नहीं पड़ा। नतीजा सीएचसी पर मशीन खराब होने से जांच बंद है। मरीज भटक रहे हैं। सीएमओ ने एक बार फिर उच्चाधिकारियों को पत्राचार किया है।
आलमबाग के चंदरनगर, रेडक्रॉस, अलीगंज, गोसाईंगंज, टुडियागंज में अल्ट्रासाउंड मशीन खराब है। बीते साल नवंबर में नई मशीन के लिए सीएमओ ऑफिस से पत्र भेजा गया था। इसके बाद नौ महीने में अब तक चार रिमाइंडर भी भेजे जा चुके हैं, मगर अफसर सोते रहे। ऐसे में सीएचसी पहुंचने वाली गर्भवतियों को या तो दूसरे सरकारी अस्पतालों, या फिर निजी केंद्रों पर अधिक कीमत चुकाकर अल्ट्रासाउंड करवाना पड़ रहा है।
हालांकि, महकमे की सुस्ती और मरीजों की परेशानी को देखते हुए कुछ जनप्रतिनिधि अपनी निधि या सीएसआर फंड से अल्ट्रासाउंड मशीनें उपलब्ध करा पा रहे हैं। चिनहट में सांसद बृजलाल, एनके रोड हजरतगंज में एमएलसी मुकेश शर्मा, इंदिरानगर सीएचसी में विधायक ओपी श्रीवास्तव की ओर से अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध कराई गई है।
Iहम लोग सभी सीएचसी पर अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित करवाने का लगातार प्रयास कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग और शासन स्तर पर भी पत्राचार किया है। कई माननीय ने अपनी निधि व सीएसआर से अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध कराई हैं, जिसका लाभ मरीजों को मिल रहा है।I
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- डॉ. एनबी सिंह, सीएमओ
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