सूबे में निजी सेक्टर की मदद से बिजलीघर स्थापित किए जाने के सरकार के मंसूबे को सोमवार को तब बड़ा झटका लगा जब राज्य विद्युत नियामक आयोग ने चार परियोजनाओं को रद्द कर दिया।
राज्य ने निजी हाथों से आठ परियोजनाओं को लगाने के लिए सरकार ने एमओयू किया हुआ था। निजी सेक्टर से बिजलीघर लगवाने का फैसला मायावती सरकार ने किया था।
माया सरकार ने राज्य में आठ परियोजनाएं लगाने की मंजूरी देते हुए इसके लिए डेढ़ वर्ष का समय दिया था। बसपा सरकार के जाने और तय मियाद बीतने के बावजूद इनमें से कोई बिजलीघर नहीं बन सका।
इसके बाद अखिलेश सरकार ने भी बसपा सरकार की ओर से इन निजी कंपनियों से किए गए करार को बढ़ाते हुए इन सभी परियोजनाओं के लिए डेढ़ वर्ष का समय और दे दिया था।
इस दौरान इनमें से ललितपुर में 1980 मेगावाट परियोजना को छोड़कर और किसी परियोजना में काम नहीं हो सका।